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Last Updated: बुधवार, 23 दिसंबर 2020 (21:51 IST)

नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद कर्नाटक में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक रात्रिकालीन कर्फ्यू

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने बुधवार को बताया कि कोविड-19 के नए स्वरूप (स्ट्रेन) के संक्रमण को काबू करने के लिए एहतियातन गुरुवार से 1 जनवरी तक रात में 11 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया गया है। इससे पहले दिन में स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कोविड-19 के लिए राज्य की तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी जिसके बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बुधवार रात से ही 2 जनवरी तक कर्फ्यू लगाने व इसकी अवधि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे रखने की घोषणा की थी।
रात्रि कर्फ्यू की तारीख और समय में बदलाव की पुष्टि करते हुए येदियुरप्पा ने ट्वीट किया। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर से 1 जनवरी 2021 तक रात 11 से सुबह 5 बजे (2 जनवरी 2021 की सुबह 5 बजे तक) कर्फ्यू रहेगा। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि क्रिसमस से पूर्व 24 दिसंबर की मध्यरात्रि होने वाली सामूहिक प्रार्थना बिना किसी बाधा की होगी। सरकार के मुताबिक रात्रि कर्फ्यू के दौरान रात 11 से सुबह 5 बजे तक लोगों की आवाजाही पर सख्ती से पाबंदी होगी सिवाय आवश्यक गतिविधियों के। हालांकि ट्रकों, सामान लदे वाहनों या किसी अन्य माल ढुलाई के वाहन पर कोई रोक नहीं होगी, भले ही वे खाली हों।
 
सरकार ने कहा कि जिन उद्योग/ कंपनी/ संगठनों के रात के परिचालित करने की जरूरत है, उनको 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ परिचालन की अनुमति होगी और ऐसे संगठनों द्वारा जारी वैध पहचान पत्र के आधार पर कर्मचारियों को आने-जाने की अनुमति होगी। राज्य के मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि जिन उद्योगों/ कारखानों में 24 घंटे काम करने की जरूरत है, उन्हें बिना किसी बाधा काम करने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लंबी दूरी की बसों, रेलगाड़ियों और विमानों के परिचालन की अनुमति होगी। दिशा-निर्देश के मुताबिक टैक्सी और ऑटो को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व हवाई अड्डे से यात्रियों को वैध टिकट दिखाने पर लाने-ले जाने की अनुमति होगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि 17 दिसंबर को जारी दिशा-निर्देश के अनुरूप ही 24 दिसंबर की मध्यरात्रि को क्रिसमस के अवसर पर होने वाली सामूहिक प्रार्थना व नए साल के जश्न की अनुमति होगी।
 
उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर के दिशा-निर्देश में कहा गया था कि आयोजक एवं निरीक्षक सुनिश्चित करें कि चर्च में एक समय में बड़ी संख्या में लोग जमा नहीं हो और सामाजिक दूरी का अनुपालन हो। साथ ही लोगों से हाथ मिलाने गले मिलने से भी परहेज करने के कहा गया था। पूर्व के दिशा-निर्देश में 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक पार्टी, डीजे नृत्य कार्यक्रम, क्लब-रेस्तरां और अन्य स्थानों पर लोगों को आकर्षित करने के लिए विशेष आयोजन पर भी रोक लगाई गई है।
येदियुरप्पा ने इससे पहले कहा कि कोविड-19 वायरस के नए स्वरूप के कारण और भारत सरकार एवं तकनीकी सलाहकार समिति की सलाह के अनुसार रात्रि कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि यह पूरे राज्य में लागू रहेगा। मैं सभी लोगों के अपील करता हूं कि वे कोविड-19 के नए स्वरूप के संक्रमण को रोकने में सहयोग करें। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी ब्रिटेन में कोरोनावायरस के नए प्रकार के फैलने के मद्देनजर नगर निगम क्षेत्रों में रात्रि कर्फ्यू लागू करने की सोमवार को घोषणा की गई थी।
 
येदियुरप्पा ने कहा कि विदेशों से राज्य में आने वाले लोगों को कोविड-19 संबंधी जांच रिपोर्ट लानी होगी जिसमें उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हो और यह जांच राज्य आने से 72 घंटे पहले ही कराई गई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर जांच के लिए सभी प्रबंध करा दिए गए हैं और स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया है, साथ ही सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बिना जांच शहर में दाखिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज खोले जाने के बारे में पहले ही चर्चा की जा चुकी है और बताया जा चुका है कि कक्षा 10वीं, 12वीं और विद्यागम (6ठी से 9वीं कक्षा) के लिए स्कूल 1 जनवरी से खुलेंगे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम 2 दिन में बताएंगे कि स्थिति में कोई बदलाव आता है या नहीं। फिलहाल कक्षाएं 1 जनवरी से चालू होंगी। इससे पहले सुधाकर ने टीएसी सदस्यों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जिनमें वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं। सुधाकर ने कहा कि रात को कर्फ्यू लगाने का फैसला जनस्वास्थ्य के मद्देनजर लिया गया है। 25 नवंबर से अब तक ब्रिटेन से आने वाले लोगों पर अनिवार्य रूप से 28 दिनों तक निगरानी रखी जाएगी और उन्हें स्व पृथकवास जाना होगा।
 
सुधाकर ने बताया कि राज्य में 25 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच एयर इंडिया और ब्रिटिश एयरवेज के जरिए राज्य में 2,500 लोग ब्रिटेन से आए हैं। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पर बिना नाम लेते हुए 14 हजार लोगों के आने के दावे पर पलटवार किया। सुधाकर ने कहा कि हमारी सरकार को यात्रियों, संक्रमित या मृतकों की सही सूचना छिपाने से कुछ लाभ नहीं होगा, हम ऐसा क्यों करेंगे? इसलिए मैं नेताओं से अनुरोध करूंगा कि वे बयान देने से पहले सही सूचना एकत्र करें।
 
ब्रिटेन से आए कुछ लोगों के संक्रमित होने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि उनकी रिपोर्ट का इंतजार है और अगर वे पॉजिटिव आते हैं तो हमें वायरस के जीनोम का पता लगाने के लिए एनआईएमएचएएनएस भेजना होगा, जो इस तरह के अध्ययन करने वाली 4 प्रयोगशालाओं में एक है। हम कर्नाटक में वायरस के नए प्रकार को आने से रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं। (भाषा)
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