ट्रेवल और टूरिज्म में प्रत्यक्ष रूप से दुनिया भर के लाखों और सहयोगी सेवा उद्योग के माध्यम से करोड़ों लोगों को करियर निर्माण के अवसर उपलब्ध हैं।
व्यापक है टूरिज्म का कार्यक्षेत्र चूँकि ट्रेवल एंड टूरिज्म एक व्यापक उद्योग है, इसका कार्यक्षेत्र भी काफी विस्तृत है। इसमें सरकारी पर्यटन विभाग, प्रवर्तन एवं कस्टम सेवाएँ ट्रेवल एजेंसियॉं, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर्स और होटल शामिल हैं। इसके साथ ही एयरलाइन, केटरिंग या लांड्री सेवाएँ, गाइड्स, दुभाषिए, पर्यटन प्रमोशन सेल्स जैसे सहायक क्षेत्र भी जुड़े हुए हैं। ट्रेवल और टूरिज्म उद्यम में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उद्यम, जिसमें कि हजारों लोग काम करते हैं, से लेकर गिने-चुने कर्मचारियों वाला छोटा-सा निजी ट्रैवल एजेंट भी शामिल है।
सेवा से जुड़ा है करियर ट्रेवल और टूरिज्म उद्योग का कार्य अनिवार्यतः उन लोगों को सेवा प्रदान करना है, जो व्यापारिक कार्य अथवा अवकाश मनाने घर से बाहर होते हैं। जहाँ तक यात्राओं का प्रश्न है वह सुखद यात्रा हो सकती है, जिसमें पैकेज टूर्स, तीर्थ यात्राएँ, रोमांच यात्राएँ या शुद्धतः व्यवसाय यात्राएँ शामिल हैं। उद्योग के प्रत्येक कार्यगत स्तर पर किए जाने वाले कार्यों में लोगों से प्रत्यक्ष व्यवहार शामिल है। ट्रेवल एजेंट द्वारा यात्रियों की आवश्यकताओं का आकलन किया जाता है तथा उपलब्ध यात्रा विकल्पों में से श्रेष्ठतम संभव यात्रा व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
इसके साथ ही कई प्रमुख क्रूज लाइनों, रिसॉर्ट्स और ट्रेवल समूहों द्वारा प्रतिवर्ष यात्रा करने वाले करोड़ों लोगों के लिए ट्रेवल पैकेज प्रमोट करने के लिए ट्रेवल एजेंटों का उपयोग किया जाता है। ट्रेवल कंपनी से जुड़े कर्मियों को मौजूदा नियम कानूनों तथा कार्गो, टिकटिंग और पासपोर्ट, वीजा आदि के लिए आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन ज्ञान होना आवश्यक है, ताकि वह अपने ग्राहकों को सही सलाह प्रदान कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर उनके कागजी कार्य निपटा सकें।
इसके अलावा सभी टूरिज्म स्टॉफ, जो कि मार्केटिंग, काउंटर, सेल्स या गाइड सर्विसेज से जुड़ा हो, उन्हें ग्राहकों द्वारा देखे जाने वाले यात्रा स्थलों की जानकारी होना चाहिए कि उस स्थान की पृष्ठभूमि क्या है। वह स्थान रेल, हवाई तथा सड़क मार्ग से किस तरह से जुड़े हैं तथा वहाँ क्या-क्या सुविधाएँ उपलब्ध हैं। स्रोत: नईदुनिया अवसर सुनहरा भविष्य जो लोग ट्रेवल और टूरिज्म में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए चमकदार भविष्य की भविष्यवाणी की गई है। कठोर परिश्रम करने वाले युवा लोग पर्यटन और यात्रा के क्षेत्र में बहुत तेजी से शीर्ष पदों पर पहुँच सकते हैं अथवा खुद अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं। इस उद्योग से जुड़ा जॉब अच्छी आय तथा इंसेटिव तो प्रदान करता ही है, साथ ही मुफ्त या बहुत ही कम दाम में कई स्थान देखने का अवसर भी प्रदान करता है।
पात्रता ट्रेवल और टूरिज्म पाठ्यक्रमों को अंडर ग्रेजुएट स्तर पर चलाया जाता है तथा इसके लिए न्यूनतम अर्हता हायर सेकंडरी उत्तीर्ण होना है।
रोजगार की संभावनाएँ ट्रेवल और टूरिज्म में करियर बनाने वालों के लिए निजी और सार्वजनिक दोनों ही क्षेत्रों में उज्ज्वल अवसर हैं। फिर भी क्वालीफाइड टूरिज्म प्रोफेशनल्स के लिए निजी क्षेत्रों में ट्रेवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटर्स, एयरलाइंस, होटल्स, ट्रांसपोर्ट और कार्गो कंपनियों में श्रेष्ठतम अवसर उपलब्ध हैं।
पाठ्यक्रम ट्रेवल और टूरिज्म के क्षेत्र में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन कोर्स उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री मास्टर और टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन (एमटीए) है। इस दो वर्षीय पाठ्यक्रम को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। द इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट तथा कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा पर्यटन में एमटीए डिग्री प्रदान की जाती है। इस पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री उद्योग में मैनेजेरियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पोजीशन दिलवाने में मददगार साबित होती है। स्रोत: नईदुनिया अवसर
वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन- आईएटीए इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ट्रेवल, टूरिज्म और कार्गो उद्योग में मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण के साथ प्रमाण-पत्र प्रदान करता है। कुछ बड़ी ट्रेवल एजेंसियों द्वारा छात्रों को प्रशिक्षण देकर सेवा में रख लिया जाता है। ट्रेवल एंड टूरिज्म के अण्डर ग्रेजुएट कोर्सों के लिए पात्रता हायर सेकंडरी है। पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक उपाधि है। इसमें प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार तथा समूह चर्चा के बाद प्रवेश दिया जाता है।
भारतीय पर्यटन उद्योग भारतीय पर्यटन उद्योग देश का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण निर्यात उद्योग है। हालाँकि भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन अपेक्षाकृत कम है, फिर भी देश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग एक कमाऊ क्षेत्र बन कर उभरता जा रहा है।
विदेशी मुद्रा कमाई पर्यटन से भारत को अच्छी खासी विदेशी मुद्रा की कमाई हो रही है। धीरे-धीरे पर्यटन ऐसा क्षेत्र बनकर उभरता जा रहा है, जहॉं ज्यादा से ज्यादा लोग इस उद्योग को राजस्व का योगदान दे रहे हैं। पर्यटन से आय बढ़ाने में होटलों, टूर ऑपरेटरों, एयर लाइंस और शिपिंग आदि की भूमिका महत्वपूर्ण है।
गति पकड़ रहा है पर्यटन ढेर सारी कल्पनाओं तथा विचारों की सहायता से भारतीय पर्यटन क्षेत्र गति पकड़ता जा रहा है और न केवल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है, बल्कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ाता जा रहा है। ताजा आँकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष के दौरान पर्यटन उद्योग का निष्पादन उत्साहवर्धक रहा। वर्ष 2006 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जो पर्यटन उद्योग की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
भविष्य उज्ज्वल है हालिया जारी मार्केट रिसर्च रिपोर्ट इंडियन टूरिज्म इंडस्ट्री आऊटलुक (2006) में भारतीय पर्यटन की रंगीन तस्वीर खींची गई है। इसमें स्व-रोजगार सहित रोजगार में भविष्य में 10 प्रतिशत तक वृद्धि की भविष्यवाणी की गई है। 2006 में किए गए मार्केट अनुसंधान के अनुसार- 2006 में 1.28 मिलियन पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि 2005 में इनकी संस्था 1.14 मिलियन थी। इसके परिणामस्वरूप विदेशी मुद्रा राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 1,780 मिलियन डॉलर तक जा पहुँचा।
सरकारी समर्थन से बढ़ा पर्यटन इंडियन टूरिज्म इंडस्ट्री आऊटलुक 2006 में यह भी बताया गया है कि भारतीय पर्यटन उद्योग के विकास में सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि भारत दुनिया का लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनता जा रहा है और इससे करियर निर्माण के अवसरों को एक नई दिशा भी मिल रही है। स्रोत: नईदुनिया अवसर