तारक मेहता का उल्टा चश्मा: चंपक चाचा ने बताया हिन्दी को मुंबई की आम भाषा, एमएनएस की धमकी के बाद मेकर्स को मांगना पड़ी माफी

पुनः संशोधित बुधवार, 4 मार्च 2020 (12:23 IST)
पॉपुलर टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' को लेकर विवाद छिड़ गया है। शो के एक एपिसोड में भाषा को लेकर बवाल मचा हुआ है। मुंबई की भाषा हिन्दी कहने पर आपत्ति जताते हुए शो का राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने विरोध किया है। ने शो के प्रोड्यूसर और डायलॉग बोलने वाले 'चंपक चाचा' यानि अमित भट से माफी मांगने की मांग की।
एक एपिसोड में 'चंपक चाचा' ने डायलॉग बोला था कि मुंबई की भाषा हिन्दी है। वीडियो वायरल होते ही एमएनएस ने धमकी दी कि अगर शो के निर्माता और कलाकार शो के माध्यम से सभी मराठी जनता से माफी नहीं मांगते हैं तो वो शो की शूटिंग होने नहीं देंगे।

अब शो के मेकर असित मोदी ने सोशल मीडिया पर इस मसले को लेकर सफाई दी है। असित मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'मुंबई महाराष्ट्र में हैं और हमारे महाराष्ट्र की राजभाषा मराठी ही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। मैं भारतीय हूं। महाराष्ट्रियन हूं और गुजराती भी हूं। सारी भारतीय भाषाओं का सम्मान करता हूं। जय हिंद।'
इसके अलावा 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है जिसमें शैलेश लोढ़ा कह रहे हैं कि 'भारत की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र का खूबसूरत शहर मुंबई, जहां कि स्थानीय और आधिकारिक भाषा मराठी है। हमने पिछले एपिसोड में चंपक चाचा के जरिए ये कहा था कि यहां कि आम भाषा हिंदी है। इसका भावार्थ ये ही था कि मुंबई ने खुले मन से हर प्रांत के लोगों को और हर भाषा को सम्मान दिया है, प्यार दिया है। फिर भी चंपक चाचा की इस बात से किसी को ठेस पहुंची हो तो हम तहेे दिल से माफी मांगते हैं।'

एमएनएस के प्रमुख अमेय खोपकर ने शो की कास्ट और निर्माताओं के लिए एक चेतावनी नोट लिखा था जिसमें कहा गया कि यह जानने के बावजूद कि मराठी मुंबई की मुख्य भाषा है, वे इस तरह के प्रचार को बढ़ावा देते हैं। महाराष्ट्रीयन कलाकार जो इस शो का हिस्सा हैं, उन्हें इस तरह के बयान का समर्थन करने में शर्म आनी चाहिए।
एएनएस की महासचिव शालिनी ठाकरे ने भी निर्माताओं की आलोचना की और तारक मेहता के निर्माताओं को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।



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