NICU में 100 दिन, हर सांस पर डर, प्रियंका चोपड़ा के पति निक ने सुनाया मालती के जन्म का खौफनाक किस्सा
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस जनवरी 2022 में एक प्यारी सी बेटी मालती के माता-पिता बने थे। कपल अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के साथ खूबसूरत पल बिताते हुए तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हैं, लेकिन इस मुस्कान के पीछे एक ऐसा दर्दनाक संघर्ष छिपा है जिसे याद कर आज भी इस जोड़े की आंखें नम हो जाती हैं।
हाल ही में जे शेट्टी के पॉडकास्ट पर निक जोनास ने अपनी बेटी के जन्म के समय की उन भयावह परिस्थितियों का खुलासा किया, जिसने उनकी दुनिया हिला दी थी। प्रियंका और निक की बेटी मालती प्री-मैच्योर हुई थीं। जन्म के समय वह बैंगनी रंग की थीं।
निक ने बताया कि मालती का जन्म अप्रैल में होना था, लेकिन वह जनवरी 2022 में ही दुनिया में आ गई। सरोगेसी के जरिए जन्मी मालती का वजन जन्म के समय मात्र 1 पाउंड 11 औंस (लगभग 765 ग्राम) था। उन्होंने कहा, जब वह पैदा हुई, तो वह लगभग नीली पड़ चुकी थी। उस वक्त एनआईसीयू की नर्सों ने फरिश्ता बनकर उसे पुनर्जीवित किया।
अस्पताल में 100 दिनों का संघर्ष
निक ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान मेरी पत्नी और मैंने 3.5 महीने तक अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट की, ताकि मालती को 24 घंटे देखभाल मिले। मुझे आज भी उस अस्पताल की गंध याद है। कुछ चीजे हमेशा दिल दहला देती है। वह एहसास डरावना भी था और सुकून देने वाला भी।
छह बार हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन
निक ने बताया कि उस मासूम बच्ची को 6 बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन (खून चढ़ाना) से गुजरना पड़ा। आखिरकार, साढ़े तीन महीनों की कड़ी मशक्कत और दुआओं के बाद मालती को घर लाने की अनुमति मिली। आज मालती 4 साल की हो चुकी है और अपने माता-पिता की आंखों का तारा है।
बता दें कि प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी को बॉलीवुड और हॉलीवुड की सबसे यादगार और शाही शादियों में गिना जाता है। दोनों ने दिसंबर 2018 में जोधुपर के उमेद भवन पैलेसे में क्रिश्चियन और हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई थी।