हिंदी सिनेमा में डांस हमेशा सिर्फ कोरियोग्राफी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह किरदारों, भावनाओं और पलों को जोड़ने का एक जरिया रहा है। और जब एक ही फ्रेम में दो मजबूत कलाकार साथ आते हैं, तो वह अक्सर कुछ ऐसा बन जाता है, जो लंबे समय तक याद रहता है।
बीते वर्षों में बॉलीवुड ने हमें ऐसे कई डुएट्स दिए हैं, जो सिर्फ स्टेप्स या फॉर्मेशन से आगे बढ़कर एक खास एनर्जी और पर्सनैलिटी को दर्शाते हैं।
विद्या बालन वर्सेस माधुरी दीक्षित- आमी जे तोमार 3.0
यदि आपने 'भूल-भुलैया 3' का आमी जे तोमार 3.0' गाना देखा होगा, तो आपने देखा होगा कि इसमें विद्या बालन और माधुरी दीक्षित की जोड़ी किसी प्रतिद्वंदी की बजाय दो अलग-अलग परफॉर्मिंग एनर्जी का संगम नज़र आती है। जहां माधुरी दीक्षित अपनी सिग्नेचर ग्रेस लेकर आती हैं, वहीं विद्या बालन अपनी ठहराव और गहराई से एक अलग तरह का अंदाज़ परोसती हैं। इसी का है ये खूबसूरत परफॉर्मेंस, जो शोर-शराबे से ज्यादा भावनात्मक प्रभाव छोड़ता है।
दीपिका पादुकोण वर्सेस प्रियंका चोपड़ा- पिंगा
'पिंगा' उन डांस डुएट्स में से एक है, जहां दोनों कलाकार पारंपरिक अंदाज़ में डांस करते हुए अपने-अपने स्पेस को बराबरी से निभाते हैं। उनके मूव्स एक-दूसरे के साथ तालमेल में होते हुए भी उनकी स्टाइल एक दूसरे से काफी अलग है। यह किसी एक को पीछे छोड़कर आगे निकलने का नहीं, बल्कि अपनी लय और उपस्थिति के एक साथ निभाने का बेहतरीन उदाहरण है।
ऐश्वर्या राय बच्चन वर्सेस माधुरी दीक्षित- डोला रे डोला
ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने फिल्म 'देवदास' में गीत 'डोला रे डोला' में जिस तरह टेक्नीक और एक्सप्रेशन का बेहतरीन संतुलन पेश किया है, उसकी मिसाल आज तक दी जाती है। दोनों ने उस जटिल कोरियोग्राफी को काफी बखूबी निभाया है, और यही वजह है कि आज भी यह गाना एक आइकॉनिक डांस नंबर के रूप में याद किया जाता है।
माधुरी दीक्षित वर्सेस करिश्मा कपूर- दिल तो पागल है
फिल्म 'दिल तो पागल है ' में माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर की जोड़ी स्टाइल और बैलेंस की दिलचस्प प्रतिस्पर्धा दिखाती हैं। सॉफ्टनेस और शार्पनेस के अलग-अलग रूपों को मिलाकर दोनों ने एक ही मंच पर अपनी-अपनी खासियत को बखूबी पेश किया है।
गौरतलब है कि इन डांस डुएट्स की खूबसूरती सिर्फ कोरियोग्राफी में नहीं, बल्कि उन खास गुणों में भी है, जो हर कलाकार अपनी परफॉर्मेंस में जोड़ता है। हर कोई एक फ्रेम को अपने अंदाज़ में जीता है, और यही बात इन डुएट्स को खास बनाती है। ऐसे में आज 'इंटरनेशनल डांस डे' के इस ख़ास मौके पर ये परफॉर्मेंस हमें यह याद दिलाती हैं कि साथ मिलकर डांस करने और उसे जीने का अनुभव ही इसकी असली ताकत है।