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Why Samrat Prithviraj film under performed at box office starring Akshay Kumar | फिल्म सम्राट पृथ्वीराज बॉक्स ऑफिस पर क्यों रही फीकी, जानिए 4 कारणों से

Samrat Prithviraj
फिल्म 'सम्राट पृथ्‍वीराज' के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जैसे ही चौथे दिन 5 करोड़ रुपये पर आ गए यह बात स्पष्ट हो गई कि दर्शकों ने फिल्म को नकार दिया। किसी भी दिन फिल्म का बिज़नेस अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ। फिल्म की शुरुआत ही गड़बड़ हुई और चौथे दिन ही फिल्म औंधे मुंह गिर गई। यशराज फिल्म्स जैसा बैनर, अक्षय कुमार जैसा अभिनेता, महंगा बजट, सालों से इस विषय पर शोध कर रहा निर्देशक-लेखक, फिर कहां हुई गलती जिसके कारण फिल्म न बॉक्स ऑफिस पर चल पाई और न क्रिटिक्स ने इसे पसंद किया। 

1) अक्षय कुमार 
अक्षय कुमार इस फिल्म के लिए गलत चयन साबित हुए। फिल्म देखते समय वे कहीं से भी पृथ्वीराज चौहान नहीं लगते। अभिनय रौबदार नहीं रहा। वे अक्षय कुमार ही लगे, पृथ्वीराज नहीं। पतली सी आवाज ने बची-खुची कसर निकाल दी। फिल्म देखते समय वे कंकड़ की तरह चुभते रहे। ऐसा कंकड़ जो दांतों में फंस गया और जिसका दर्द झेलना मजबूरी बन गया। अक्षय के कारण दर्शक फिल्म से कनेक्ट ही नहीं हो पाते हैं और इस वजह से फिल्म बेअसर साबित होती है। 

2) शोध की कमी 
निर्देशक और लेखक चंद्रप्रकाश द्विवेदी के अनुसार वे पृथ्वीराज पर बरसों से शोध कर रहे हैं। इस महान योद्धा पर फिल्म बनाने का उनका सपना बरसों पुराना था, लेकिन फिल्म देखते समय शोध की कमी नजर आती है। फिल्म के प्रमुख पात्र भाषा गलत बोलते हैं। चंद वरदाई और जयचंद के पात्र को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। पृथ्वीराज के बचपन की कोई झलक नहीं दिखाई गई। ऐसी कई बातें हैं जो फिल्म देखते समय खटकती हैं। 

3) प्रस्तुतिकरण में खाई मार
निर्देशक के रूप में चंद्रप्रकाश द्विवेदी कमजोर साबित हुए। कहानी को कहने में वो बात नजर नहीं आती जो इस तरह की फिल्मों में होती है। दमदार संवाद, गर्व से सीना फूला देने वाले सीन की कमी लगातार खलती है। शुरुआती और क्लाइमैक्स सीन छोड़ दिया जाए तो फिल्म के अधिकांश दृश्य और संवाद सपाट हैं। 

4) कई प्रसंगों की अनदेखी 
पृथ्वीराज के जीवन से जुड़े बहुत ही खास प्रसंग फिल्म में दिखाए गए हैं। ये वो प्रसंग हैं जिनके बारे में सभी जानते हैं। कुछ ऐसे घटनाक्रम भी होने थे जिनके बारे में दर्शकों को ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इस तरह के प्रसंग फिल्म से नदारद हैं। पृथ्वीराज कैसे इतने शक्तिशाली राजा बने? पृथ्वीराज और मुहम्मद गौरी की और लड़ाइयां? पृथ्वीराज और संयोगिता के बीच कैसे मुहब्बत हुई? इन सब बातों को महत्व नहीं दिया गया या सतही तरीके से दिखाया गया जिसके कारण फिल्म दर्शकों को रास नहीं आई। 
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