अपने बेटे की पहली फिल्म सनी देओल निर्देशित करेंगे

समय ताम्रकर|
की अगली पीढ़ी फिल्मों में आने के लिए तैयार है। के बेटे करण और राजवीर इन दिनों अभिनय का प्रशिक्षण ले रहे हैं। खुद सनी देओल ने फिल्मों में आने के पहले लंदन में अभिनय सीखा था और वही पर उनकी अपनी पत्नी पूजा देओल से आंखें चार हुई थी। जबकि धर्मेन्द्र बिना ट्रेनिंग के फिल्मों में आए और उन्होंने लंबी पारी खेली। 
 
किसी भी स्टार कलाकार के बेटे को लेकर दर्शकों में बेहद उत्सुकता रहती है और यह सिर्फ पहली फिल्म तक ही सीमित रहती है। बाद में सारा मामला प्रतिभा पर टिक जाता है। पहले करण को प्रस्तुत किया जाएगा जिसको अपनी फिल्मों में लेने की पेशकश कई फिल्मकारों ने की है। 
हर रविवार बॉलीवुड के कुछ नामी लोग आपस में क्रिकेट खेलते हैं। इस दौरान बात फिल्मों की भी निकलती है और कुछ फिल्मों की योजना क्रिकेट के मैदान पर ही बन जाती है। खबर है कि इसी दौरान आदित्य चोपड़ा ने बॉबी देओल से कहा था कि यदि सनी अनुमति दे तो वे करण को लांच कर सकते हैं, लेकिन सनी इसके लिए तैयार नहीं हुए। 
 
सनी देओल परंपरावादी हैं। उनका कहना है कि उन्हें, बॉबी और अभय देओल को उनके घरेलू बैनर विजयेता फिल्म्स से लांच किया गया है इसलिए वे परंपरा अनुसार अपने बेटे करण को भी इसी बैनर से लांच करेंगे। बाद में करण दूसरे बैनर्स के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। 
 
सनी ने करण के लिए स्क्रिप्ट फाइनल कर ली है। इस समय वे घायल वंस अगेन में व्यस्त हैं। दिवाली पर फिल्म रिलीज करने के बाद करण की फिल्म शुरू होगी। इस फिल्म का निर्देशन खुद सनी ही करेंगे। वर्षों पहले उन्होंने 'दिल्लगी' बनाई थी। इसके बाद घायल वंस अगेन निर्देशित की और अब करण की फिल्म निर्देशित करेंगे। 
 
हीरो के रूप में सनी ने लंबी और सफल पारी खेली है, लेकिन निर्देशक के रूप में उन्होंने अब तक प्रभावित नहीं किया है। ऐसे में करण की पहली फिल्म निर्देशित करना क्या जोखिम भरा नहीं है। क्या करण को आदित्य चोपड़ा या इम्तियाज अली जैसा फिल्मकार पेश करता तो यह करण के हित की बात नहीं होती। संभव है कि सनी को खुद पर ज्यादा भरोसा है और वे करण की पहली फिल्म बेहद सुरक्षित बनाना चाहते हो। 
 
कुछ ऐसा ही सुरक्षित माहौल सनी को धर्मेन्द्र ने भी 'बेताब' के जरिये दिया था। उन्होंने सनी के कमजोर पहलुओं को छिपाकर खूबियों को पेश कर सनी को स्टार बनाया था। धर्मेन्द्र और सनी जानते हैं कि किसी भी नए कलाकार के लिए पहली फिल्म बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि पहली फिल्म को ही सफलता मिल जाती है तो आगे का काम आसान हो जाता है। देओल फैमिली के प्रशंसक देश-विदेश में फैले हुए हैं और संभव है कि वे करण की फिल्म का जोरदार स्वागत करे।  



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