ये हैं दुनिया के सबसे सुरक्षित पांच शहर

पुनः संशोधित मंगलवार, 7 जुलाई 2015 (11:04 IST)
- लिंडसे गैलोवे (बीबीसी ट्रैवल)
 
कल्पना कीजिए आप भारत के किसी शहर में हों और अपना पर्स कहीं छोड़ आएं या फिर किसी रेस्टोरेंट में अपना लैपटॉप भूल जाएं, लेकिन वह आपको सुरक्षित मिल जाए। कल्पना करना भी मुश्किल हो रहा है ना, लेकिन दुनिया में ऐसे कई शहर हैं जिनके बारे में जब आप सुनेंगे तो आपको अपनी सोच बदलनी पड़ सकती है।
द इकनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) ने लोगों के रहने के लिहाज से दुनिया के कुछ सबसे सुरक्षित शहरों की रैंकिंग जारी की है। इस रैंकिंग के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा, आधारभूत स्थायित्व, स्वास्थ्य की सुविधा और डिजिटल सिक्योरिटी टेक्नालॉजी का ख्याल रखा गया है। इतना ही नहीं इस रैंकिंग को बनाते वक्त ये भी देखा गया है कि आपके पड़ोस में बेहतर पड़ोसी रहते हैं या नहीं या फिर सुरक्षित होना बोरियत पैदा करने वाला तो नहीं है। दुनिया के सबसे सुरक्षित पांच शहर एक नजर में।
 
1. ओसाका : टोक्यो के साथ ओसाका को दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर माना जाता है। इस लिहाज से देखें तो पूरा जापान ही दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है। स्थानीय अंग्रेजी पत्रिका 'कनसाई सेने' के संस्थापक डेनिएल ली कहते हैं, 'रहने के लिहाज से जापान अविश्वसनीय रूप से सुरक्षित देश है।' 
 
वे 17 साल पहले ब्रिटेन से ओसाका आए थे। वे कहते हैं, 'स्थानीय लोग अपना सामान कॉफी शॉप में टेबल पर छोड़ सकते हैं, आराम से ऑर्डर देने जा सकते हैं। यह दुनिया में दूसरी जगहों पर नहीं हो सकता।'
 
ओसाका का समाज कारोबार पर निर्भर है, जिसकी वजह से आम लोग देर रात तक काम में लगे रहते हैं। क्योटो से 25 साल पहले ओसाका रहने आए योशी यामोटो कहते हैं, 'देर रात तक ट्रेनें कारोबारियों से भरी रहती हैं। ट्रेन के मुख्य टर्मिनल पर रात में उतनी ही भीड़ होती है जितनी दिन में। देर रात किसी भी जगह अकेली महिला को यात्रा करने में कोई समस्या नहीं होती।'
 
कार्य संस्कृति के अलावा ओसाका में दोस्ताना माहौल भी नजर आता है। ली कहते हैं, 'ओसाका सेल्समैन का शहर है और स्थानीय लोगों को बात करना बहुत पसंद है। स्थानीय लोगों की जुबान से आपको शायद यह नहीं मालूम होगा कि वे क्या कह रहे हैं, लेकिन उनके हाव-भाव में एक तरह की गर्माहट आप जरूर महसूस करेंगे।'
2. एमस्टर्डम : नीदरलैंड्स की राजधानी एमस्टर्डम की आबादी दस लाख से भी कम है और यह अपेक्षाकृत छोटा शहर है। न्यूयॉर्क से तीन साल पहले एमस्टर्डम आए और 'अंदाज एमस्टर्डम प्रिंसेनग्रेचेट' के महाप्रबंधक टोनी हिंटरसटॉजियर ने बताया, 'अविश्वसनीय तौर पर सुरक्षा महसूस होती है। यहां के लोग काफी रिलैक्स नजर आते हैं और कोई भी आसानी से उत्तेजित नहीं होता है। ये बात पुलिस के लिए भी लागू होती है।'
 
वैसे एमस्टर्डम में रहने पर आपको एक दूसरी तरह की मुश्किल दिखाई पड़ सकती है। यहां कोई मकान समतल नहीं मिलेगा। हिंटरसटॉजियर बताते हैं, 'ज्यादातर मकान पानी पर बने हुए हैं। पूरी तरह से समतल नहीं हैं। अगर आप मेरे कमरे के किसी कोने पर टेनिस बॉल रखें तो वो अपने आप दूसरे कोने पर पहुंच जाएगी।'
 
3. सिडनी : ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा शहर है सिडनी। सिडनी में आस-पड़ोस की संस्कृति आपको सुरक्षा का एहसास कराएगी। माय डेटॉर में स्थानीय टूर कंपनी के मालिक और सिडनी निवासी रिचर्ड ग्राहम कहते हैं, 'आस-पड़ोस के लोग एक दूसरे का ख्याल रखते हैं। अगर कोई संदिग्ध नजर आता है तो हम अपने पड़ोसियों को सूचना देते हैं।'
 
हाल ही में सिडनी में डेढ़ करोड़ डॉलर के बजट से फुटपाथ और पैदल पथ को बेहतर बनाने की योजना लागू की गई है। मूल रूप से अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स शहर से सिडनी आई और 'अर्बन वॉक अबाउट' विजिटर गाइड की संस्थापिका विक्टोरिया मॉक्सी बताती हैं, 'सिडनी ऐसा शहर है जहां आप जितना ज्यादा गलियों में घूमते हैं, उतना ही आप खुद को आस-पड़ोस का हिस्सा मानने लगते हैं।'
 
सिटी सेंटर से तीन किलोमीटर पूर्व पॉट्स प्वाइंट में पैदल चलने या फिर टहलने की संस्कृति ज्यादा नजर आती है। यहीं मशहूर आर्ट डेको अपार्टमेंट है और कई सारे कैफे भी। आपको आस-पड़ोस में न्यूयार्क शहर जैसा एहसास होगा। ऐसा ही दूसरा उदाहरण सिटी सेंटर से तीन किलोमीटर दक्षिणपूर्व स्थित सर्रे हिल्स का है। जहां आपको शहर के सबसे उम्दा कॉफी शॉप और रेस्टोरेंट मिलेंगे।
 
ऑस्ट्रेलिया की खूबसूरत समुद्रतटीय संस्कृति भी शहर से बहुत दूर नहीं है। शहर के दक्षिण पूर्व में आठ किलोमीटर स्थित ब्रोंटे सर्फिंग पसंद करने वाले लोगों का अहम ठिकाना है जबकि सात किलोमीटर पूर्व में रोज-वे स्थित है।
4. सिंगापुर : दक्षिण पूर्व एशियाई शहर सिंगापुर में कानून-व्यवस्था बेहद सख्त है, इसी वजह से ये काफी सुरक्षित भी माना जाता है। मूल रूप से बेंगलुरू से यहां आईं रिनिता वांजरे रवि बताती हैं, 'सिंगापुर में पुलिस को अच्छा वेतन मिलता है, लिहाजा वो लोगों की मदद के प्रति गंभीर नजर आती है।' पुलिस व्यवस्था के बेहतर होने से ये तय है कि कानून भी अपना काम करेगा। उनके मुताबिक सिंगापुर के स्थानीय निवासी भी बेहद ईमानदार होते हैं।
 
उन्होंने बताया, 'आप किसी भी रेस्टोरेंट में टेबल पर अपना पर्स-बैग छोड़कर ऑर्डर देने के लिए जा सकते हैं। आपका बैग वहीं मिलेगा जहां आपने रखा था। लोगों को मालूम है कि चोरी करने पर पकड़े जाने और सजा मिलने की संभावना ज्यादा है।'
 
धार्मिक और नस्लीय टिप्पणियों वाले मजाक के लिए जीरो टॉलरेंस नीति होने से भी लोगों में सद्भाव नजर आता है। वैसे सिंगापुर जैसी घनी आबादी वाले शहर में रहने की अपनी चुनौतियां भी है। सिंगापुर में अपने घर से दफ्तर तक रोजाना सफर करना बेहद मुश्किल काम है। इसलिए स्थानीय लोग काम की जगह के पास ही रहने की सलाह देते हैं।
 
5. स्टॉकहोम : उत्तरी सिरे पर बसे होने के कारण स्टॉकहोम में गर्मियों में दिन मानो खत्म ही नहीं होते। अन्य मौसम में शहर कृत्रिम रोशनी में डूबा नजर आता है। सार्वजनिक जगहों पर पर्याप्त रोशनी से लोगों में सुरक्षा का एहसास होता है।
 
लंदन से स्टॉकहोम आकर बसे और 'एन इंग्लिश मम्मा इन स्टॉकहोम' ब्लॉग लिखने वाली केट टी कहती हैं, 'दो छोटे बच्चे होने की वजह से सुरक्षा मेरे लिए बेहद अहम मसला है। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्टॉकहोम बेहतरीन जगह है। बच्चों के प्लेग्राउंड भी भीड़भाड़ वाले यातायात से दूर और हरे-भरे क्षेत्रों में स्थित हैं।'
 
स्टॉकहोम की रफ्तार अभी उतनी तेज नहीं हुई है, केट इसे जीवन के लिए वरदान ही मानती हैं। कम भागमभाग और छोटा शहर होने के बाद भी स्टॉकहोम में अपने तरह की गतिशीलता और नफासत है। केट बताती हैं, 'स्वीडिश लोग नई चीजों का इस्तेमाल सबसे पहले करते हैं, खासकर तकनीक का। स्वीडिश ट्रेंडसेटर होते हैं।'
 
स्टॉकहोम की ज्यादातर आबादी शहर के मुख्य केंद्र के आसपास बने अपार्टमेंट्स में रहती हैं। हालांकि मुख्य शहर से दो किलोमीटर पश्चिम में कूंग्सहोलमेन है जो रहने के लिहाज से ज्यादा उपयुक्त है। वहीं तीन किलोमीटर दक्षिण में प्राचीन और ऐतिहासिक विरासत समेटे दुकान और गैलरियां नजर आती हैं। समुद्रतटीय इलाकों को भी हाल ही में नए सिरे से विकसित किया गया है।

और भी पढ़ें :