Corona virus : कंपनियों ने शुरू की कारों को सैनेटाइज और संक्रमण फ्री करने की सर्विस, इतना आएगा खर्च

पुनः संशोधित बुधवार, 20 मई 2020 (19:17 IST)
संक्रमण महामारी के बीच वाहनों के संक्रमित होने की आशंका को देखते हुए प्रमुख कंपनियों ने वाहनों को व संक्रमण मुक्त करने की सेवा भी शुरू कर दी है।
जयपुर में महिंद्रा, हुंदै व मारुति नेक्सा के सर्विस सेंटर तथा वर्कशॉप ने ऐसी सेवाएं देनी शुरू की हैं जिनकी लागत 175 से 1500 रुपए तक है।

इस बीच वाहन डीलरों के शीर्ष संगठन ‘फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन’ (एफएडीए) ने कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर कर्मचारियों व ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है।

प्रमुख वाहन कंपनी महिंद्रा के सीतापुरा स्थित वर्कशॉप में वाहनों को संक्रमण मुक्त करने की सुविधा है। वर्कशॉप के एक सर्विस मैनेजर के अनुसार गाड़ी/ मॉडल के हिसाब से इसका शुरुआती शुल्क 899 रुपए है।
फिलहाल इसके लिए धूम्रीकरण (फ्यूमीगेशन) प्रक्रिया अपनाई जा रही है जिसमें एक फॉगिंग मशीन से पूरी गाड़ी के अंदर फॉगिंग की जाती है ताकि वह संक्रमण मुक्त हो जाए। ऐसी ही सुविधा हुंदै ने भी शुरू की है जिसका शुरुआती शुल्क 1000 रुपए है।

मारुति फिलहाल यहां केवल वाहन सैनेटाइज सेवा दे रही है। यहां नेक्सा सर्विस के प्रबंधक अनुज शर्मा के अनुसार वाहन को भीतर से व बाहर से सैनेटाइज करने की सेवा दी जा रही है जिसका शुरुआत शुल्क 175 रुपए (कर अतिरिक्त) है। हालांकि कंपनी ने गाड़ी को संक्रमण मुक्त करने की सेवा अभी यहां शुरू नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए देशभर में जारी लॉकडाउन में ढील के बीच प्रमुख वाहन कंपनियों के डीलर व वर्कशॉप भी अब खुलने लगे हैं। हालांकि उनमें कड़े सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं ताकि वायरस संक्रमण नहीं फैले।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमाबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने देशभर में 15,000 से अधिक अपने सदस्य डीलरों को आगाह किया है कि अपने शोरूम व वर्कशॉप में सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल अपनाएं ताकि किसी तरह की दिक्कत खड़ी नहीं हो।

संगठन के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले के अनुसार मौजूदा हालात में हमें और अधिक संवेदनशीलता व तत्परता से कदम उठाने होंगे ताकि कोरोना वायरस से उपजे संकट में ग्राहकों के भरोसे को फिर से बहाल किया जा सके।
फेडरेशन ने डीलरों को लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनमें एक शोरूम या वर्कशॉप में आने व जाने वाले सभी वाहनों का धूम्रीकरण शामिल है।


यूरोपीय वाहन कंपनी रेनौ इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि रेनौ इंडिया ने अपने सभी परिसरों को पूरी तरह से धूम्रीकरण के बाद ही खोला है। इसके अलावा कर्मचारियों को स्क्रीनिंग के बाद ही काम पर ले रही है तथा ग्राहकों के लिए सैनेटाइजेशन व सोशल डिस्टेसिंग मानकों का पालन अनिवार्य है।
उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार बदले हालात में वाहन कंपनियां अपनी प्रक्रिया के डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दे रही हैं जिसके तहत वाहन की टेस्ट ड्राइव से लेकर सर्विस तक की ऑनलाइन बुकिंग, बिल वगैरह ई-मेल या व्हाटसएप पर भेजना शामिल है। वाहन कंपनियों ने अपने शोरूम व वर्कशॉप में आने वाले सभी कर्मचारियों व ग्राहकों के लिए मास्क पहनना, सैनेटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। (भाषा)


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