मकर संक्रांति के दिन महासंयोगों का मुहूर्त
महामुहूर्त के साथ 15 को मनेगी मकर संक्रांति
मकर संक्रांति अश्व पर सवार होकर 15 जनवरी को सुबह 6.22 बजे दक्षिण दिशा की ओर जाएगी। 28 वर्ष बाद मकर संक्रांति के दिन महासंयोगों का मुहूर्त बन रहा है। ऐसा ही महामुहूर्त का संयोग सन 1984 को मकर संक्रांति के दिन बना था। अब 100 वर्ष बाद ही ऐसा मुहूर्त अगली सदी में बनेगा। ज्योतिषियों के अनुसार कन्या राशि पर चंद्रमा होने से भद्रा पाताल लोक में निवास करेगा। पृथ्वी पर भद्रा के नहीं होने से मकर संक्रांति पर भद्रा का रोड़ा नहीं होगा।उत्तरायण सूर्य कराएंगे शुभ कार्य : ज्योतिषाचार्य धर्मेन्द्र शास्त्री ने बताया कि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण होने के साथ ही देवताओं के दिन भी शुरू हो जाएंगे। सूर्य सिद्घांत के अनुसार कर्क से धनु के सूर्य तक 6 माह देवताओं की रात्रि होती है और मकर से मिथुन के सूर्य तक 6 माह देवताओं के दिन होते हैं। इसके साथ ही सूर्य देव इस समय पृथ्वी के निकट होते हैं। इसलिए देवताओं के दिन की शुरुआत का पहला दिन मकर संक्रांति सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
सुबह से शाम तक रहेगा पुण्यकाल : मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। पुण्यकाल में तीर्थ स्थान में स्नान, दान, जाप, हवन, तुलादान, गौदान, स्वर्ण दान आदि का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्यदेव अपनी राशि बदलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति पर तिल का लेप लगाकर स्नान करने के अलावा दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।महामुहूर्त की शुरुआत : विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार का शुभारंभ, पदभार ग्रहण, वाहन क्रय, विधारंभ सहित अन्य कार्य महामुहूर्त में प्रारंभ करने पर फलदायी होते हैं। क्या होगा मकर संक्रांति का राशिफल पर प्रभावमेष- ईष्ट सिद्धि वृषभ - धर्म लाभमिथुन - कष्टकर्क - सम्मानसिंह - भयकन्या - यशतुला- कलहवृश्चिक - लाभधनु - संतोषमकर - धन लाभकुंभ - हानिमीन - लाभ।