आंधी, तूफान, आगजनी, दुर्घटनाएं, नौतपा में ग्रहों के संयोग दे रहे हैं खतरे का संकेत

Nautapa
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पुनः संशोधित सोमवार, 23 मई 2022 (11:09 IST)
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There will be in Nautapa: बुधवार से नौतपा प्रारंभ हो रहा है। सूर्य में 15 दिनों के लिए गोचर करता है जब प्रारंभ के 9 दिनों को नौतपा कहते हैं। सूर्य 25 मई बुधवार को 8 बजकर 16 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा जहां वह 8 जून की सुबह 6 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इस बार सूर्य रोहिणी में 14 दिन तक ही रहेगा।

1. नौतपा का क्यों जरूरी है तपना : कहते हैं कि नौतपा में यदि नहीं हुई तो फिर आने वाले समय में बारिश जोरदार यानी की झमाझम होगी। यदि नौतपा में बारिश झमाझम हो गई तो फिर आगे संपूर्ण वर्षा ऋतु में बारिश के हाल बेहाल रहेंगे। ज्योतिषी मानते हैं कि यदि नौतपा के सभी दिन पूरे तपें, तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता है।

2. सूर्य की किरणें : नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर आती जिसके चलते तापमान बढ़ता है। इस अधिक तापमान के कारण मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है जो की लहरों को आकर्षित करता है। इस कारण कई जगहों पर ठंड, बाढ़, और बारिश जैसे आसार भी नजर आने लगते हैं। बस इस दौरान हवाएं भले ही चलें लेकिन बारिश नहीं होना चाहिए तो फिर बारिश का सिस्टम अच्छे से बन जाता है।
3. क्या इस आंधी, तूफान के साथ बाढ़ का रहेगा जोर : ज्योतिषियों का मानाना है कि इस बार शुरुआती 6 दिनों में गर्मी के साथ ही उमस भी बहुत रहेगी। नौ दिन में से अंतिम 3 दिन हवाएं खूब तेज चलेगी। कहीं-कहीं मध्यम बारिश की संभावना है तो कहीं बौछारें भी हो सकती है। हालांकि इस बार मानसून अच्‍छा होगा। कहीं पर झमाझम तो कहीं पर सामान्य बारिश रहेगी। कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात रहेंगे।

इस बार नौतपा से पहले ही कुछ क्षेत्रों में बारिश हो चली है जो कि अच्छा संकेत नहीं है। सूर्य, मंगल, बुध और शनी के समसप्तक योग होने से धरती के एक हिस्से में भारी गर्मी पड़ती है। अब नौतपे से ही आशा है कि यदि यह खूब तपा तो भारी बारिश होगी नहीं तपा तो मानसून बिखरा बिखरा रहेगा। यह भी कहा जा रहा है कि नौतपा के आखिरी दो दिन तेज हवा-आंधी चलने व बारिश होने के भी योग हैं।

3. आपदाएं : ग्रहों की मौजूदा स्थिति को देखकर देश के पूर्वी-पश्चिमी और दक्षिणी भाग में प्राकृतिक दैवीय आपदाएं, आगजनी और दुर्घटना होने की आशंका बन रही है। इस स्थिति में कोई भी कार्य करने से पूर्व सोच विचार कर लेना चाहिए। सूर्य की स्थिति अमंगल और अशुभ का संकेत दे रही है।

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते समय मेष राशि में राहु-शुक्र की युति बनेगी और वृषभ राशि में सूर्य और बुध की युति बनेगी। मीन राशि में मंगल, चंद्र और गुरु की युति रहेगी। केतु तुला राशि में रहेगा। नौतपा के दौरान सूर्य की भीषण गर्मी, धूल भरी आंधी और वर्षा की संभावना हैं। तेज हवाएं, बवंडर आदि की स्थिति के चलते मांगलिक कार्य और यात्रा को लेकर सतर्क रहें।




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