जानिए, मई 2016 माह के शुभ-अशुभ योग...
कार्य-सिद्धि योग सकारात्मक ऊर्जा से सम्पन्न होते हैं। इसी कारण किसी भी नए कार्य को शुरू करने से पहले शुभ योग-संयोग को देख-परख लेना श्रेष्ठ होता हैं। अगर आपको किसी भी माह में नया कार्य आरंभ करना हो तो शुभ योग-संयोग देखकर किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
आपके लिए प्रस्तुत हैं मई 2016 के शुभ-अशुभ योग। अगर शुभ योगों का सोच-विचार कर कार्य किया जाए तो निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है। आइए जानें :-
कार्य-सिद्धि योग
03 मई |
सायं 06.20 से देर रात्रि 05.23 तक |
05 मई |
समस्त |
06 मई |
सूर्योदय से दिन 10.23 तक |
07 मई |
रात्रि 04.36 से देर रात्रि 05.21 तक |
09 मई |
सूर्योदय से देर रात्रि 12.09 तक |
12 मई |
सूर्योदय से रात्रि 10.45 तक |
15 मई |
देर रात्रि 04.24 से रात्रि 05.16 तक |
18 मई |
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प्रात: 05.15 से दिन 10.25 तक |
27 मई |
सूर्योदय से देर रात्रि 03.59 तक |
31 मई |
सूर्योदय से रात्रि 12.41 तक |
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अमृत सिद्धि योग
07 मई |
रात्रि 04.36 से देर रात्रि 05.21 तक |
09 मई |
सूर्योदय से रात्रि 12.09 तक |
सर्वदोषनाशक रवि योग...अगले पेज पर
सर्वदोषनाशक रवि योग
08 मई |
रात्रि 02.07 से 09 मई को रात्रि 12.09 तक। |
10 मई |
रात्रि 10.52 से 11 मई को प्रात: 05.51 तक। |
11 मई |
रात्रि 10.23 से 12 मई को रात्रि 10.45 तक। |
14 मई |
देर रात्रि 01.53 से 15 मई को देर रात्रि 04.24 तक। |
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19 मई |
दोपहर 01.31 से 20 मई को सायं 04.28 तक। |
27 मई |
देर रात्रि 03.59 से 28 मई देर रात्रि 03.56 तक। |
द्विपुष्कर (दो गुना फल) योग
28 मई |
प्रात: 07/09 से देर रात्रि 03/56 तक |
द्विपुष्कर (तीन गुना फल)योग
03 मई |
दोपहर 02.59 से सायं 06.20 तक |
07 मई |
रात्रि 09.17 से देर रात्रि 04.36 तक |
गुरू पुष्यामृत योग... अगले पेज पर
गुरू पुष्यामृत योग
12 मई |
प्रात: 05.18 से रात्रि 10.45 तक |
विघ्नकारक भद्रा
02 मई |
प्रात: 06.31 से सायं 05.30 तक |
05 मई |
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प्रात: 08.29 से सायं 06.38 तक |
09 मई |
देर रात्रि 01.42 से 10 मई को दोपहर 12.30 तक |
13 मई |
दिन 10.11 से रात्रि 10.38 तक |
16 मई |
देर रात्रि 04.04 से 17 मई को सायं 05.18 तक |
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20 मई |
रात्रि 12.42 से 21 मई को दोपहर 01.46 तक |
24 मई |
सायं 06.17 से 25 मई को प्रात: 06.46 तक |
28 मई |
प्रात: 07.09 से सायं 06.44 तक |
31 मई |
दोपहर 01.56 से रात्रि 12.40 तक |
पंचक
01 मई |
प्रात: 09.43 से 05 मई को दोपहर 01.18 तक |
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28 मई |
सायं 04.01 से पंचक प्रारम्भ |