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Written By WD Feature Desk

Uttarayan 2025: सूर्य हुए उत्तरायण, जानें सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश का महत्व क्या है?

मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायण हो गए हैं और इस अवधि को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। वहीं सूर्य दक्षिणायन को नकारात्मक प्रभाव वाला माना जाता है।

Uttarayan 2025: सूर्य हुए उत्तरायण, जानें सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश का महत्व क्या है? - importance of uttarayan in astrology
Uttarayan festival 2025 : सूर्य मकर राशि में प्रवेश एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया जाता है। इसे मकर संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि सूर्य लगभग एक महीने तक मकर राशि में रहता है। तथा सूर्य दक्षिणायन को नकारात्मकता और उत्तरायण को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं...ALSO READ: 29 मार्च को मीन राशि में शनि और सूर्य की युति, इसी दिन सूर्य पर ग्रहण लगेगा, 3 राशियों को रहना होगा सतर्क
 
सूर्य का राशि परिवर्तन : सूर्य ग्रह लगातार राशियों का चक्कर लगाता रहता है। जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो इसे सूर्य का राशि परिवर्तन कहा जाता है। इस दिन से यानि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही उत्तरायण का आरंभ होता है। ज्योतिष शास्त्र में उत्तरायण को शुभ माना जाता है। सूर्य का उत्तरायण होना ऋतु परिवर्तन का संकेत भी होता है, क्योंकि सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही मौसम में भी बदलाव आता है। उत्तरी गोलार्ध में सर्दी का मौसम शुरू होता है। 
 
ज्योतिष में सूर्य उत्तरायण का महत्व : ज्योतिष के अनुसार उत्तरायण के समय सूर्य उत्तर की ओर झुकाव के साथ गति करता है जबकि दक्षिणायन होने पर सूर्य दक्षिण की ओर झुकाव के साथ गति करता है। सूर्य 6 माह उत्तरायण और 6 माह दक्षिणायन रहता है। अत: इस समयावधि को उत्तरायण और दक्षिणायन कहते हैं।

उत्तरायण के समय दिन लंबे और रात छोटी होती है, जबकि दक्षिणायन के समय में रातें लंबी और दिन छोटे होने लगते हैं। सूर्य उत्तरायण के दौरान शिशिर, बसंत और ग्रीष्म ये 3 ऋतुएं पड़ती है। सूर्य उत्तरायण के दौरान गृह प्रवेश, यज्ञ-हवन, व्रत, अनुष्ठान, शुभ मांगलिक विवाह, मुंडन, नवीन कार्य आदि कई कार्य करना शुभ माना जाता है।ALSO READ: Makar rashi 2025: वर्ष 2025 में मकर राशि पर से होने वाली है साढ़ेसाती समाप्त, जानिए क्या करेगा अब शनि?
 
12 राशियों के लिए कैसा रहता है यह गोचर : पर यदि इसके ज्योतिषीय महत्व की बात करें तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। और मकर राशि में सूर्य के प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है यानि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मेहनत और लगन से किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना होती है। 
 
इस कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव भी देखा जाता है। अर्थात् कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्हें अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस तरह आप समझ भी गए होंगे कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रत्येक राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है और इसके निवारण के लिए आप किसी योग्य ज्योतिषी से संपर्क करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Surya Arghya on Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य कैसे दें, जानें उचित विधि और नियम
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