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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 18 मार्च 2026 (16:07 IST)

नव संवत्सर 2083 का कौन राजा, मंत्री और अन्य मंत्री, क्या होगा देश दुनिया में प्रभाव?

हिंदू नववर्ष 2026
The Cabinet of the New Year 2083: 19 मार्च 2026 से हिंदू नव संवत्सर 2083 प्रारंभ हो रहा है। प्रत्येक संवत्सर का एक अलग नाम होता है। जैसे इस बार के नव संवत्सर का नाम रौद्र है। इसका अर्थ है भयंकर क्रोध। हिंदू नववर्ष का राजा गुरु और मंत्री मंगल है। इससे धर्म योद्धा योग बन रहा है। चलिए जानते हैं नववर्ष का संपूर्ण मंत्रि मंडल और उसका देश एवं दुनिया पर प्रभाव।
 

हिंदू नववर्ष रौद्र संवत्सर का मंत्रिमंडल: 

  • राजा- गुरु
  • मंत्री- मंगल 
  • सस्याधिपति- गुरु
  • धनाधिपति- गुरु
  • नीरसाधिपति- गुरु
  • सेनाधिपति- चन्द्र
  • फलाधिपति- चन्द्र
  • मेघाधिपति- चन्द्र
  • धान्याधिपति- बुध
  • रसाधिपति- शनि

हिंदू नववर्ष रौद्र संवत्सर का फल:

1. गुरु: न्याय, सुख, अच्छी फसल और धार्मिक कार्यों में वृद्धि करें, वर्षा अच्‍छी होगी धाराएं, गाएं अत्यधिक दुधारू तथा फल-फूल आदि की प्रचुर मात्रा में उत्पत्ति होगी। धन धान्य रहेगा। पीली वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि होगी। 
 
2. मंगल: कहीं-कहीं ही वर्षा, अन्न के मूल्यों में वृद्धि तथा अग्नि का प्रकोप अधिक होने की संभाना। चोर और डकैतों का उपद्रव, राजा के द्वारा युद्ध कार्य करने में वृद्धि की संभावना। साहस, सैन्य विजय, अग्नि भय, विस्फोट, राजनीतिक उथल-पुथल और युद्ध।
 
3. बुध: गेहूँ, धान, गन्ना, जौ आदि की वृद्धि होने की संभावना। विद्वानों की भी उन्नति होगी। 
 
4. चंद्र: सरकार और प्रजा के मान सम्मान में वृद्धि, वृक्षों में फल फूल रहेगा। राजाओं में समझदारी बढ़ेगी। 
 
5. शनि: नी, ऊनी वस्त्र, लोहे, तरल पदार्थ, तेल आदि वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि होने की संभावना। अल्प मात्रा में जल की वर्षा करने की क्षमता। इसका अर्थ है कि गुरु तो भरपुर वर्षा करवाना चाहेंगे लेकिन शनि की उसमें रुकावट की संभावना भी है।
 
6. रौद्र संवत्सर का फल: पंचांग मान्यता अनुसा रौद्र संवत्सर के कारण प्राकृतिक प्रकोप, युद्ध, नरसंहार, जनविद्रोह और सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलते हैं।

Edited by Anirudh Joshi