आषाढ़ मास के 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते हैं इस माह के प्रमुख 10 बड़े तीज-त्योहार और पर्व।


1. वट सावित्री पूर्णिमा : 25 जून शुक्रवार को वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत रहेगा। 25 जून को गुरु हरगोविन्दजी की जयंती भी है।

2. सीतलाष्टमी : 2 जुलाई 2021 को सीतलाष्टमी का पर्व है जिसे बसोरा या बसोड़ भी कहते हैं।

3. हलहारिणी अमावस्या : 9 जुलाई 2021 को हलहारिणी अमावस्या है। यह श्राद्ध, दान पुण्य की अमावस्या भी है।

4. गुप्त नवरात्रि : 11 जुलाई 2021 को अषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा और इसी दिन गुप्त नवरात्रि का भी प्रारंभ होगा जो 18-19 जुलाई तक चलेगी।
Guru Purnima Mantra
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5. जगन्नाथ रथयात्रा : 12 जुलाई 2021 को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा प्रारंभ होगी। हालांकि इस बार भी भक्तों के बगैर यात्रा होगी।
6. ताप्ती जयंती : 16 जुलाई 2021 को मां ताप्ती जयंती रहेगी और इसी दिन कर्क संक्रांति भी होगी। कर्क संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। ताप्ती नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है।
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7. हरिशयनी एकादशी : 20 जुलाई 2021 को हरिशयनी एकादशी से चतुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इसे देवशयनी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से देव सो जाएंगे और सभी तरह के मांगलिक और चार माह के लिए शुभ कार्य बंद हो जाएंगे।
8. वामन द्वादशी : 21 जुलाई 2021 को प्रदोष व्रत के दिन वामन द्वादशी और वासुदेव द्वादशी रहेगी। इसी दिन मुस्लिमों का ईद उल जुहा का पर्व भी रहेगा।

9. विजया पार्वती व्रत :
22 जुलाई को विजया पार्वती व्रत और मंगला तेरस रहेगी।
10. गुरु पूर्णिमा : 23 जुलाई को व्रत की पूर्णिमा प्रारंभ होगी और 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा रहेगी। 23 जुलाई को चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक की जयंती भी है। पूर्णिमा के दिन व्यास पूजा होती है अर्थात महाभारत के लेखक वेद व्यासजी की पूजा। इसी दिन से आषाढ़ माह समाप्त हो जाएगा।

अन्य : इस माह में 5 जुलाई को योगिनी एकादश, 7 जुलाई को प्रदोष व्रत, 8 जुलाई को शिव चतुर्दशी अर्थात मासिक शिवरात्रि, 13 जुलाई को विनायकी चतर्दशी व्रत, 18 जुलाई को गुप्त नवरात्रि पारण दिवस और भड़ली नवमी और 19 जुलाई को आशा दशमी का व्रत रहेगा। 28 जून से पंचक काल प्रारंभ होगा जो 3 जुलाई तक रहेगा।



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