करता हूँ जमआ फिर
करता हूँ जमआ फिर जिगरे-लख़्त-लख़्त को
अरसा हुआ है दावत-ए-मिज़गाँ किए हुए --------ग़ालिब
जमआ------जमा करना
जिगरे-लख़्त-लख़्त ------टुकड़े-टुकड़े दिल
अरसा-----------समय
दावते-मिज़गाँ----पलकों की दावत
अरसा हुआ है दावत-ए-मिज़गाँ किए हुए --------ग़ालिब
जमआ------जमा करना
जिगरे-लख़्त-लख़्त ------टुकड़े-टुकड़े दिल
अरसा-----------समय
दावते-मिज़गाँ----पलकों की दावत
