बुधवार, 11 मार्च 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
खाटू श्याम बाबा
एकादशी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
पत्रिका मिलान
जन्मकुंडली
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म संग्रह
श्रीरामचरितमानस
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
खाटू श्याम बाबा
एकादशी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
पत्रिका मिलान
जन्मकुंडली
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
क्रिकेट
अन्य खेल
धर्म संग्रह
श्रीरामचरितमानस
×
Close
लाइफ स्टाइल
»
उर्दू साहित्य
»
आज का शेर
और माँ नहीं रही
Written By
WD
और माँ नहीं रही
समझो कि सिर्फ जिस्म है और जाँ नहीं रही,
वो शख़्स जो कि ज़िंदा है और माँ नहीं रही - मुनव्वर राना
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
जरुर पढ़ें
क्या एक पुत्र भी गुरु हो सकता है? माता देवहूति का अद्भुत जीवन
दुनिया में मां और बेटे का रिश्ता ममता का होता है, लेकिन सतयुग में बिंदु सरोवर के तट पर एक ऐसा दिव्य संवाद हुआ, जिसने आने वाली समस्त पीढ़ियों को भक्ति और ज्ञान का मार्ग दिखाया। यह कहानी है राजकुमारी देवहूति की।
Low Blood Sugar: हाइपोग्लाइसीमिया, बॉडी में शुगर कम होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?
Hypoglycemia causes and treatment: जब शरीर में शुगर (ग्लूकोज) का स्तर कम होता है, तो इसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब खून में शुगर का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। यह स्थिति तात्कालिक और गंभीर हो सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को पहचानना और सही उपाय करना बहुत जरूरी है।
Indian Gooseberry: आंवला का जादू: रोज एक आंवला खाने से बालों और आंखों में होंगे ये 7 बड़े बदलाव
Indian Gooseberry Health Benefits: आंवला का सेवन आपकी आंखों, बालों और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। यह प्राकृतिक रूप से शरीर को स्वस्थ रखने का एक शक्तिशाली उपाय है। अगर आप रोज एक आंवला खाते हैं, तो आप न केवल अपनी सेहत में सुधार देखेंगे, बल्कि इसके कई अन्य फायदे भी आप स्वयं में महसूस करेंगे।
मृत्युपूर्व चेतना के लौटने का चमत्कार
मृत्यु से पूर्व किसी किसी के संपूर्ण चेतना के लौट आने के बारे में कई लोगों से सुना हूं। खुद में यह दुर्लभ होता है और रोमांचक भी। अगर किसी को अल्जाइमर (एक लाइलाज रोग जिसमें रोगी की याददाश्त तीन चार साल के बच्चे जैसी हो जाती है) हो तब तो मृत्यु पूर्व उस व्यक्ति की चेतना का लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं।
बहुत ज्यादा सोचते हैं (Overthinking)? दिमाग को शांत और खुश रखने के लिए रोज करें ये 7 आसान योगासन
Yoga for Mental Health: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 'स्ट्रेस' एक साइलेंट किलर है। अगर आपका मन शांत नहीं है, तो शरीर कभी स्वस्थ नहीं रह सकता। योग की ये 7 मुद्राएं आपके दिमाग के 'हैप्पी हार्मोन्स' को एक्टिव कर देंगी।
वीडियो
और भी वीडियो देखें
नवीनतम
मानवीय सवालों की सुनामी में बढ़ती समाधान शून्यता!
बहुआयामी लोकतांत्रिक व्यवस्था हो या सैनिक शासन सहित चाहे राजशाही भी क्यों न हो किसी भी तरह की शासन व्यवस्था नित नये अनसुलझे या खड़े हो रहे सवालों के बोझ तले तेजी से सारी मनुष्य निर्मित व्यवस्थाएं एक तरह से ढहती जा रही है या समाधान शून्यता की दिशा में निरंतर बढ़ती ही जा रही है।
बदनाम हुए तो क्या? नाम तो हुआ
देश भर के गधे खुश हैं। उनका कहना है कि बदनाम तो बहुत हुए, पर चलो अब नाम तो हो रहा है। नेता और सरकार तो कम से कम हमारे बारे में सोच रहे हैं। अब इंसानों की तरह हमारे भी अच्छे दिन आने से कोई रोक नहीं सकता। पिछले कई वर्षों से हमारे अच्छे दिनों की ट्रेन रेड सिग्नल पर खड़ी थी, सरकार ने उसे ग्रीन सिग्नल दे दिया है।
डिग्री नहीं, दक्षता चाहिए — राष्ट्र निर्माण की निर्णायक दिशा
यदि डिग्री ही सफलता की गारंटी होती, तो बेरोजगारी क्यों होती? यदि प्रमाण-पत्र ही पर्याप्त होते, तो उद्योगों में कौशल की कमी की चर्चा क्यों होती? स्पष्ट है कि समय बदल चुका है। अब शिक्षा को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। यह दौर केवल प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का है। हमें स्वयं से पूछना होगा
Hazrat Ali: कब और क्यों मनाया जाता है हजरत अली शहादत का दिवस
remembrance of sacrifice: हजरत अली (रज़ि.) की शहादत का दिन इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 21वीं रमजान को मनाया जाता है, जो उनके शहीद होने की तारीख है। हजरत अली, जो पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के भाई और दामाद थे, इस्लाम के पहले चार खलीफाओं में से एक थे। वे इस्लाम के महान योद्धा, न्यायाधीश, और धर्मप्रचारक थे।
प्रवासी कविता: फ़रिश्ते
ज़िंदगी में कई इंसान ऐसे मिल जाते हैं जो इंसा ही नहीं फरिश्तों सा फ़र्ज़ निभाते हैं बहुत कठिन होता है आंखों के आंसू को आंखों में समाकर ..मैं ठीक हूं ये कहना पर ये तो दर्द को अपने पन्नों पर उड़ेल जातें है तब पढ़ने वालों के अश्क छलक जाते हैं ना देखा होता है कभी उन्हें पहचान सिर्फ़ शब्दों की होती है...