Parshuram temple | भगवान परशुराम मंदिर
धर्म रक्षा के लिए लिया था अवतार
ND |
अधर्मियों का नाश करने वाले भगवान परशुराम के ग्वालियर में तीन स्थानों पर मंदिर हैं। सबसे प्राचीन मंदिर नई सड़क स्थित आपटे की पायगा में है। जहां नियमित रूप से भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा उपनगर ग्वालियर स्थित किलागेट व मुरार स्थित घासमंडी में भी है।
लगभग सौ वर्ष पुराना भगवान परशुराम का मंदिर नई सड़क स्थित आपटे की पायगा में स्थित है। इस मंदिर की देखरेख भागवत परिवार द्वारा की जाती है। शरद भागवत तीसरी पीढ़ी के हैं, जो निरंतर यहां प्रतिदिन भगवान की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
इस मंदिर में भगवान परशुराम के उनके दोनों भाई काल और काम दोनों तरफ हैं। वहीं पास में ही माता रेणुका व गणेश जी की मूर्ति भी है। यह प्राचीन मंदिर दक्षिण भारत के मंदिरों जैसा बना है।
ND
उपनगर ग्वालियर में स्थित घासमंडी मुरार में भगवान परशुराम का मंदिर लगभग 10 वर्ष पूर्व बनाया गया है। इसमें भगवान परशुराम के साथ हनुमानजी, शंकरजी की भी प्रतिमा स्थापित है। उपनगर स्थित किलागेट पर श्री मंदिर रामजानकी ट्रस्ट का है।
140 वर्ष पूर्व इस मंदिर में 5 वर्ष पहले भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की थी। तब से आज तक समय-समय पर भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की जा रही है।
