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द्वाराहाट का मां दूनागिरी मंदिर: 8,000 फीट की ऊंचाई पर विराजमान शक्तिपीठ

Maa Dunagiri Temple
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित मां दूनागिरी मंदिर आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। करीब 8,000 फीट ऊंचाई पर स्थित इस प्राचीन मंदिर तक 365 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा जाता है। मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लोगों से अल्मोड़ा आगमन पर इस दिव्य मंदिर के दर्शन करने की अपील की है। ALSO READ: कीर्तिखाल का भैरवगढ़ी मंदिर: गढ़वाल के रक्षक काल भैरव का धाम, जानें क्या है खास
 
सीएम धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, जनपद अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र में स्थित मां दूनागिरी मंदिर आस्था, अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। मां आदिशक्ति भगवती को समर्पित यह पावन धाम अनेक श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्रि के पावन अवसर पर यहाँ विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जनपद अल्मोड़ा आगमन पर इस दिव्य मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
 
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट से लगभग 15-25 किलोमीटर दूर द्रोण पर्वत की चोटी पर स्थित एक प्रसिद्ध और प्राचीन शक्तिपीठ है। समुद्र तल से करीब 8,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। ALSO READ: क्यों खास है उत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर? दक्षिण की ओर झुका है 56 सेमी ऊंचा स्वयंभू शिवलिंग
 

क्या है दूनागिरी का हनुमान जी और द्रोणाचार्य से कनेक्शन

कहा जाता है कि त्रेतायुग में जब लक्ष्मण को मेघनाथ के द्वारा शक्ति लगी थी, तब सुशेन वैद्य ने हनुमान जी से द्रोणाचल नाम के पर्वत से संजीवनी बूटी लाने को कहा था। हनुमान जी उस स्थान से पूरा पर्वत उठा रहे थे तो यहां पर पर्वत का एक छोटा सा टुकड़ा गिरा।


यह भी कहा जाता है कि इस स्थान पर गुरु द्रोणाचार्य ने तपस्या की थी। दूनागिरी में कत्यूरी शासक सुधारदेव ने 1318 ईसवी में मंदिर निर्माण कर दुर्गा मूर्ति स्थापित की। मंदिर में शिव व पार्वती की मूर्तियां विराजमान है।
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