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हँसो भाई हँसो
मास्टर रामू का पर्स जिसमें काफी रुपए थे कहीं गिर गया। किस्मत से वह पर्स किसी ईमानदार व्यक्ति को मिला। उसने पेपर में सूचना निकलवा दी। जरूरी प्रमाण पत्र देने पर मास्टर रामू को उसका पर्स वापस मिल गया। पर्स के रुपए कई बार गिनने के बाद जब रामू को चिंता में देखा तो उस व्यक्ति ने पूछा क्या बात है। कोई परेशानी है क्या? क्या रकम पूरी नहीं है? मास्टर रामू ने कहा- रकम तो पूरी है पर मैं देख रहा हूँ ब्याज कहीं नहीं है।------------
एक मित्र दूसरे से : भैया, मेरे दाहिनी ओर शेर था, बायीं तरफ चीता और सामने एक हाथी था। दूसरा मित्र : फिर तुम बच कैसे गए भैया? पहला मित्र : कुछ नहीं यार मैं झूले से उतर गया।--------------
शिक्षक : परस्पर विलोमार्थी और जुड़े हुए शब्द बताओ। जैसे सुख-दुःख, लाभ-हानि, जय-पराजय। इसके बाद शिक्षक रुक गए और छात्र से बोले- अब तुम बताओ छात्र : सर जैसे पति और पत्नी।राम श्याम सेः तुम क्यों रो रहे हो श्याम : मैं गिर गया था राम : ये लो चॉकलेट। श्याम चॉकलेट लेकर और जोर से रोने लगा। राम : क्या हुआ श्याम तुम अब क्यों रो रहे हो श्याम : मैं दो बार गिर गया-----------
भिखारी लड़का : ए बाई, एक रुपया दे दो। औरत : तुम्हें तो स्कूल में होना चाहिए। भिखारी लड़का : वहाँ भी गया था लेकिन कुछ भी नहीं मिला।-------------
एक बच्चा पिता से : पापा बताओ इंद्रधनुष और पुलिस में क्या समानता है। पिताः नहीं मालूम बेटा बच्चाः पिताजी दोनों ही आँधी तूफान के बाद आते हैं।-----------
टीचर : रमेश आई डोंट नो का हिन्दी में क्या अर्थ होगा? रमेश : मुझे नहीं मालूम सर टीचर : बिलकुल सही, बैठ जाओ।