1. खबर-संसार
  2. »
  3. आईटी
  4. »
  5. लर्निंग जोन

स्‍वास्‍थ्‍य पर हावी नहीं है मंदी

एशि‍या में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के आईटी बजट पर असर नहीं

आईटी
मंदी के इस दौर में एक ओर जहाँ कंपनि‍याँ बजट में कटौती और छँटनी जैसे तरीकों को अपनाने में लगी हैं वहीं दूसरी ओर एशि‍या के स्‍वास्‍थ्‍य संगठन अपनी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को तकनीकी रूप से सुलभ बनाने के लि‍ए अपने बजट में बढ़ोतरी की कोशि‍शों में लगे हुए हैं।

फ्रॉस्‍ट एंड सुलीवन, हेल्‍थ केयर इंफॉर्मेशन सीआईओ इनसाइट्स द्वारा अस्‍पतालों के आईटी बजट और स्‍वास्‍थ्‍य सेवा संगठनों में आईटी नि‍वेश में आई बाधाओं व चुनौति‍यों के संबंध में कि‍ए गए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई कि‍ एशि‍या के स्‍वास्‍थ्‍य संगठन बेहतर सेवाएँ देने के लि‍ए हेल्‍थ केयर इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशंस पर होने वाले खर्च और लागत को बढ़ाने में जरा भी नहीं झि‍झक रहे हैं।

यह अध्‍ययन दक्षि‍ण-पूर्वी एशि‍याई देशों सिंगापुर, इंडोनेशि‍या, मलेशि‍या, थाईलैंड और फि‍लीपींस तथा भारत व चीन सहि‍त ऑस्‍ट्रेलि‍या और न्‍यूजीलैंड देशों पर कि‍या गया है।

फ्रॉस्‍ट एंड सुलीवन के कंसल्टेंट, डॉ. पावेल सुविंस्‍की का कहना है कि‍ स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएँ उपलब्‍ध कराने वाले लोग अब आईटी सॉल्‍यूशंस और सेवाओं को अनावश्‍यक खर्च क रूप में नहीं देखते हैं। उनके अनुसार सार्वजनि‍क और नि‍जी क्षेत्रों के अस्‍पतालों में वर्ष 2009 से 2011 में आईटी बजट बढ़ाए जाने की आशा है। साथ ही अस्‍पतालों के मुख्‍य सूचना अधि‍कारि‍यों और सूचना प्रद्योगि‍की प्रबंधक मानते है कि‍ हेल्‍थ केयर इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशंस पर कि‍ए जाने वाले खर्च से चि‍कि‍त्‍सा संबंधी त्रुटि‍यों में कमी होती है।

अध्‍ययन में कहा गया है कि‍ भारत और चीन जैसे देशों में औद्योगि‍क मानको की कमी हेल्‍थकेयर आईटी सॉल्‍यूशंस को अपनाने में सबसे बड़ी बाधा है। स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी परि‍दृश्‍य में सूचना के प्रवाह को आसान बनाना सबसे जरूरी है। हेल्‍थकेयर के मामले में आईटी को माध्‍यम बनाने का तरीका हर देश में अलग होगा। उदाहरण के लि‍ए भारत में बर्सों से चली आ रही कार्य प्रणाली को बदलने पर जोर होगा। ऑस्‍ट्रेलि‍या और दक्षि‍ण पूर्वी एशि‍या के अस्‍पतालों में आधारभूत प्रशासकीय समाधान पहले से हैं और अब उनकी कोशि‍श नैदानिक सूचना प्रणाली और इलेक्‍ट्रॉनि‍क मेडि‍कल रि‍कॉर्ड्स प्रणाली को अपनाने की है।