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Written By ND

दाँव अपने-अपने गाँव पर

चुनाव 2008
नई दिल्ली। बादली विधानसभा में गाँव लोगों की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इलाके के मतदाता अपने अपने गाँव के उम्मीदवार पर दाँव लगाने को तैयार हो गये हैं। चाहे व हारे या जीते गाँव वाले अपने स्थानीय उम्मीदवार को ही समर्थन देने के लिए वोटरों को लामबंद करे रहे हैं। परिसीमन के बाद भलस्वा जहांगीरपुरी व रोहिणी से काटकर बनाया गये बादली में इस समय तीन प्रमुख पार्टियों से यादव बिरादरी के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस से जहाँ समयपुर के निवासी व बादली के पार्षद देवेन्द्र यादव लड़ रहे हैं, वहीं भाजपा से बादली गाँव के राजेश यादव।

बसपा ने लिबासपुर गाँव के अजेश यादव को मैदान में उतारा है। इलाके में तीन यादव उम्मीदवार होने के कारण जाति के नाम पर वोट मांगना तो मुश्किल है। ऐसे में लोग गाँव और इलाके के आधार पर एक दूसरे को लामबंद कर रहे हैं।

रविवार को बादली गाँव में ग्रामसभा की जब आम बैठक हुई तो वहां के निवासियों ने एक स्वर से आवाज बुलंद किया कि यहां के निवासी राजेश यादव को सभी बिरादरी व वर्ग के लोग समर्थन करें। गाँव के निवासी सुभाष आनंद ने बताया कि ग्रामवासियों ने तर्क दिया कि पहली बार किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए गाँव के किसी उम्मीदवार को टिकट देकर सम्मानित किया है इसलिए सभी लोग उनका समर्थन करें। गाँव के निवासी रामनिवास ने कहा कि चाहे वह हारे या जीतें वोट उन्हीं को देंगे। यह गाँव की प्रतिष्ठा का सवाल है।

बताया जाता है कि बादली की तरह ही समयपुर गाँव के लिए बादली वार्ड से दो बार पार्षद और कांग्रेस के मौजूदा प्रत्याशी देवेन्द्र यादव को लेकर लामबंद हो रहे हैं। इलाके में किये गये उनके विकास कार्यों और उपलब्धियों को गिनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। निगम चुनाव की तरह विधानसभा में भी वहां के लोग देवेन्द्र के पीछे खड़े हैं।

लिबासपुर गाँव के निवासी अजेश यादव को लेकर भी यही माहौल है। बताया जाता है कि गाँव के अधिकतर वोटरों का समर्थन अजेश को प्राप्त है। गाँव के निवासी हंसराज सुमन ने बताया कि ग्रामसभा की बैठक में जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जाएगा। (नईदुनिया)
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