अब चैलेंजिंग बन गया है बैंकिंग सेक्टर

विदेशी बैंकों में अवसर
ऐसी आशा है कि 2009 तक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी बैंकों से प्रतिबंध उठा लिए जाएँगे। इससे विदेशी बैंकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बढ़ेंगे बैंकिंग में करियर निर्माण के अवसर।


आईएफबीआई का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बैंकिंग
आईटी और बैंकिंग का तालमेल बनाने और बैंकों के साथ साथ इंश्योरेंस और वित्तीय संस्थाओं के लिए दस कर्मचारियों को व्यावहारिक ज्ञान देकर तैयार करने के लिए आईटी संस्था एनआईआईटी ने आईसीआईसीआई बैंक के सहयोग से इंस्टीट्यूट फाइनेंस बैंकिंग इंश्योरेंस (आईएफबीआई) का गठन किया गया था।

अध्ययन क्षेत्र

आईएफबीआई द्वारा आज के सूचना प्रौद्योगिकी युग तथा बैंकिंग क्षेत्र की सेवाओं के अनुरूप चार आगामी सेवाएँ देने के लिए डोमेन टेक्नोलॉजी, एप्लीकेशन तथा कस्टमर सर्विस में दक्ष किया जा रहा है। डोमेन नॉलेज और अद्भुत कार्यप्रणाली के माध्यम से आईएफबीआई द्वारा ज्ञान, व्यवहार तथा आधुनिक बैंकिंग के लिए आत्मविश्वासी युवा प्रोफेशनल्स तैयार किए जा रहे हैं।
बैंकिंग ऑपरेशंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्‍लोमा
आईएफबीआई का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बैंकिंग ऑपरेशंस (पीजीडीबीओ) 6 माह का पूर्र्णकालिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आधुनिक बैंकिंग के लिए प्रदेश स्तर पर इंडस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स तैयार करना है। नई पीढ़ी का बैंकर बैंकिंग और उससे जुड़े क्षेत्रों के ज्ञान से परिपूर्ण होता है, जिसमें प्रौद्योगिकी की समझ, उपभोक्ता के प्रति अभिप्रेरण और अनुप्रयोग का कौशल होता है।
प्रवेश हेतु पात्रता
किसी भी विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले छात्र पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बैंकिंग ऑपरेशंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें डिग्री पूरी करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए आयु सीमा 26 वर्ष है।
प्रवेश प्रक्रिया
पीजीडीवीओ के प्रवेश तिमाही में एक बार दिया जाता है, जिसके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। इसके लिए आवेदन नई दिल्ली, बंगलोर, चेन्नाई, हैदराबाद, कोलकाता तथा मुंबई स्थित केंद्रों पर उपलब्ध है। इसे आईएफबीआई की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

स्रोत: नईदुनिया अवसर



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