राष्ट्रीय घटनाक्रम - 2009

-वेबदुनिया डेस्क

तेल डिपो ‍अग्निकांड
वर्ष अक्टूबर माह में जयपुर स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के तेल डिपो में भीषण आग गई जोकि कई दिनों के बाद बुझाई जा सकी। इसे देश के सबसे भीषण अग्निकांड माना जा सकता है। एक दर्जन से ज्यादा मौतें और 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की हानि इस घटना में हुई। इसी तरह की एक रेल दुर्घटना मथुरा के पास 21 अक्टूबर, को हुई। यहाँ गोवा एक्सप्रेस ने मेवाड़ एक्सप्रेस को टक्कर मार दी जिससे 22 यात्रियों की इस दुर्घटना में मौत हुई।


वर्ष के दौरान उत्तराखंड सरकार के नेतृत्व में परिवर्तन हुआ और भाजपा के ही रमेश पोखरियाल निशंक को नया मुख्यमंत्री बनाया गया। 19 जनवरी, 2009 से निलम्बित चल रही झारखंड विधानसभा के चुनाव भी इसी वर्ष दिसम्बर माह में कराए गए हैं।

इसी वर्ष नवीन चावला को देश का मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाया गया तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने पार्टी अध्यक्ष पद पर रहने के 11 वर्ष पूरे किए। भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व केन्द्रीय संचार मंत्री सुखराम को तीन वर्ष की सजा मिली। साथ ही, उन पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया लेकिन बाद अपील करने के लिए जमानत भी दे दी गई।

शीर्ष पदस्थों को वेतन बढ़ोतरी
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों ने अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने के विवादित मामले को विराम देते हुए सम्पत्ति का व्यौरा देने का स्वैच्छिक फैसला किया। इस वर्ष राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन में वृद्धि की गई। केन्द्रीय सतर्कता आयोग और संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों का भी वेतन भत्ता बढ़ाया गया।
भारत को इस वर्ष फ्रांस और रूस से यूरेनियम की प्राप्ति हुई जबकि सीबीआई ने विवादित बोफोर्स मामले में दलाली खाने के आरोपी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ मामला वापस लेने की याचिका दायर करने को लेकर संसद के अंदर और इसके बाहर भारी हंगामा हुआ। यह मामला भी कोर्ट तक पहुँच गया है और संभावना जाहिर की जा सकती है कि संभवत: कोर्ट ही इस मामले में कोई अंतिम फैसला सुनाए।
भारत में पंचायती राज के पचास वर्ष पूरे होने पर 2009-10 को ग्राम सभा वर्ष घोषित किया गया है और 'नरेगा'का नामकरण महात्मा गाँधी के नाम पर किया गया है। अक्टूबर माह में भारत ने स्वयं को बर्ड-फ्लू वयरस से मुक्त घोषित कर दिया जबकि देश में इस वर्ष स्वाइन फ्लू के चलते एक सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इस बीमारी का असर बेंगलुरू,पुणे, मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली और अन्य शहरों में देखा गया जबकि इस बीमारी से सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र राज्य में हुईं।



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