बच्चों की कविता : प्यारे चंदा मामा
- श्याम बिहारी सक्सेना
चंदा मामा नील गगन में,जब देखो हंसते रहते हैं।चमचम चमचम वह तम हरते,हरदम चलते ही रहते हैं।कभी नहीं वह रुकते पलभर,जब मिलते हैं हमसे हंसकर।हंसो-हंसाओ सदा रहो खुश,यह संदेश दिया करते हैं।चंदा मामा नील गगन में,जब देखो हंसते रहते हैं।