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श्री विष्णु षोडश नाम स्तोत्र | Shri vishnu shodash naam stotram
इस श्लोक में यह बताया गया है कि कौनसे संकट में भगवान श्री हरि विष्णु का कौनसा नाम लेना चाहिए। जो कोई भी भक्त इस श्री विष्णु षोडश नाम स्तोत्र का प्रात:काल नित्य पाठ करता है कि दूर दूर तक सभी संकट उससे दूर रहते हैं और वह जीवन में गहन शांति को अनुभव करता है। यह चमत्कारिक स्त्रोत है।
।। श्री विष्णु षोडश नाम स्तोत्र स्तुति ।।
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये।।
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्,
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
औषधे चिन्तयेद्विष्णुं भोजने च जनार्दनम् ।
शयने पद्मनाभं च विवाहे च प्रजापतिम् ॥ 1 ॥
युद्धे चक्रधरं देवं प्रवासे च त्रिविक्रमम् ।
नारायणं तनुत्यागे श्रीधरं प्रियसङ्गमे ॥ 2 ॥
दुस्स्वप्ने स्मर गोविन्दं सङ्कटे मधुसूदनम् ।
कानने नारसिंहं च पावके जलशायिनम् ॥ 3 ॥
जलमध्ये वराहं च पर्वते रघुनन्दनम् ।
गमने वामनं चैव सर्वकालेषु माधवम् ॥ 4 ॥
षोडशैतानि नामानि प्रातरूत्थाय यः पठेत् ।
सर्वपापविनिर्मुक्तो विष्णुलोके महीयते ॥ 5 ॥
