फेफड़ों को रखना है सुरक्षित तो ये 5 आसन आपके काम के हैं,

Last Updated: शुक्रवार, 11 जून 2021 (15:13 IST)

फेफड़ों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि हमारे सांस लेने की प्रक्रिया वहीं से शुरू होती है। अगर आपके फेफड़े सुरक्षित रहेंगे तो लंबी जिंदगी आराम से जी सकते हैं अन्यथा कई प्रकार की बीमारियां आपको घेर सकती है। जैसे आपको अस्थमा हो सकता है, सांस की तकलीफ हो सकती है, फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है। तो आइए जानते हैं फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए आप जरूर करें। इससे आपके फेफडें जल्द किसी बीमारी के चपेट में नहीं आएंगे।

तो जानते हैं कौन से हैं 5 आसन

1.मुद्रा - यह योग करने से खून का बहाव फेफड़ों की ओर बढ़ता है। इससे फेफड़ों में मौजूद टाॅक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। आइए जानते हैं इस आसान को कैसे करें -

- सबसे पहले अपने दोनों हाथों की कलाई को पीछे ले जाकर पकड़ें।
- सांस लें और अपने कंधे को धीरे - धीरे पीछे की ओर खींचे और छाती को बाहर की ओर ले जाएं।
- अब धीरे - धीरे सांस को छोड़ें और सिर को बाएं घुटने से छुएं।
- फिर से सांस को अंदर लेते हुए शुरूआती मुद्रा में आ जाएं।
- वहीं प्रक्रिया को दोहराते हुए दाएं घुटने के साथ करें।

2.भुजंगासन - भुजंग यानी सांप। इस आसन में आपको सांप की स्थिति में बैठना होगा। यह योग करने से रक्त का प्रवाह पूरी बाॅडी में होता है साथ ही आपके फेफड़ों को स्वस्थ्य बनाता है। आइए जानते हैं कैसे करें -

- सबसे पहले अपने मैट पर पेट के बल लेट जाएं
- हाथों को थोड़ा सा सीने के करीब लाएं और हाथों पर जोर देते हुए उठने का प्रयास करें।
- आपका सिर भी सांप के फन की तरह उठना चाहिए।
- आपका पेट जमीन से पूरा टच होना चाहिए।
- इस मुद्रा में 15 सेकेंड तक रहें। ऐसे 5 मिनट तक करते रहें।

3.दंडासन - इस योग के जरिए आप अपने फेफड़ों को सुरक्षित रख सकते हैं। नेशनल सेंटर फाॅर बायोटेक्नोलाॅजी इन्फोर्मेशन की आरे से शोध में इस योगासन के जरिए फेफड़ों को स्वस्थ रखने की बात कही गई है। इस योग को दोनों वक्त किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे करें -

- सबसे पहले अपनी योगा मैट पर पैर लंबे करके बैठ जाइएं।
- पैर एकदम सीधे और पीठ भी एकदम सीधी रखें।
- अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जमीन से जोड़कर रखें।
- हाथों को पैरों से अधिक दूर नहीं रखें।
- धीरे - धीरे सांस लेते रहे और इसी मुद्रा में करीब 5 मिनट तक बैठें।
- इस योग को 5 मिनट तक करें।

4.शलभासन - इस योग को नियमित रूप से करने से श्वासन प्रणाली बेहतर होती है। फेफड़ें भी एक्टिवली काम करते हैं। साथ ही सांस से संबंधित परेशानियों से जुड़ा खतरा कम होता है। आइए जानते हैं कैसे करें -

- योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
- अपने दोनों हाथों को जांघों के नीचे रखें और अपने सिर को जमीन से सटाकर रखें।
- पैरों को ऊपर हवा में उठाएं। करीब 10 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
- ऐसा आप 3 बार करें।

5. कपालभाति करें - इसे ऑक्सीजन बढ़ाने की दृष्टि से सबसे अच्छा प्राणायाम माना जाता है। नियमित करने से आपके फेफड़ें मजबूत होंगे। कपालभाति करने से टीबी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया जैसी बीमारियों से राहत मिलने में मदद होती है। आइए जानते हैं कैसे करें -

- अपनी योगा मैट पर पीठ सीधी करके आराम से बैठ जाएं।
- उसके बाद आंखे बंद करके ध्यान की मुद्रा में बैठे।
- फिर धीरे - धीरे सांसों को नाक से बाहर छोड़ें।
- इसे कम से कम 3 से 5 मिनट करें। हालांकि आदत नहीं होने पर अपनी शक्ति अनुसार ही करें।

नोट : उपरोक्त दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है। अगर आपको किसी भी तरह की परेशानी है तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर चर्चा करें। इसके बाद ही किसी प्रकार का योग करें।







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