Year Ender 2025: वर्ष 2025 धार्मिक घटनाक्रमों के लिहाज से बहुत उथल पुथल के साथ की बड़े समारोह और उत्सवों का वर्ष रहा है। देश और दुनिया में धर्म को लेकर चर्चा चरम पर रही। आओ जानते हैं बीते वर्ष के प्रमुख धार्मिक घटनाक्रमों को।
1. वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस (जबलपुर, 2-4 जनवरी): जनवरी माह में जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कांफ्रेंस का चौथा संस्करण आयोजित हुआ, जो राम के आदर्शों और रामायण के संदेश पर केंद्रित था।
2. महाकुंभ का आयोजन और भगदड़: 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज में आयोजित हुए कुंभ मेले में इस बार 66 करोड़ लोगों ने स्नान किया। इस दौरान महाकुंभ में 29 जनवरी बुधवार को मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट के पास भगदड़ मच गई। संगमनोज पर स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी और भगदड़ मच गई। जिसमें ब्रह्म बेला का इंतजार कर रहे 37 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 60 लोग घायल हो गए।
3. दिल्ली भगदड़: इसके बाद 15 फरवरी 2025 को रात करीब 9:26 पर दिल्ली रेलवे स्टेशन 18 लोग भगदड़ में मारे गए जो कुंभ मेले में जा रहे थे। इनमें 14 महिलाएं, 3 बच्चे शामिल थे। इसी दौरान प्रयाग महाकुंभ मेले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक एसयूवी प्रयागराज में एक बस से टकरा गई, जिससे एसयूवी में सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई।
4. खगोलिया घटनाएं: वर्ष 2025 में कुल चार ग्रहण लगे:- चंद्र ग्रहण 14 मार्च और 7 सितंबर। सूर्य ग्रहण 29 मार्च और 21 सितंबर। इसकी के साथ ही अंतरिक्ष में दुर्लभ 'प्लैनेट परेड' भी देखने को मिली। सूर्य का चक्कर लगाते हुए एक 7 ग्रह एक ही सीध में आ गए थे। यह नजारा 21 जनवरी की रात से 25 जनवरी 2025 की रात देखा गया। इसे अंतरिक्ष में ग्रहों का महाकुंभ भी कहा गया। इसके बाद 28 फरवरी यह नजारा देखा गया और फिर 8 मार्च को यह परेड खत्म हो गई। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ नजारा 396 अरब साल बाद देखने को मिलेगा।
5. जगन्नाथ मंदिर की घटना: अप्रैल 2025 में, पुरी के जगन्नाथ मंदिर में एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना हुई जब 14 अप्रैल 2025 को मंदिर के शिखर पर फहराई गई धर्म ध्वजा को एक पक्षी उठाकर ले गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे भक्तों में खलबली मच गई। स्थानीय लोगों और ज्योतिषियों ने इसे बड़ा अपशकुन माना, जो भविष्य में किसी अनहोनी या संकट का संकेत हो सकता है। 14 जून को पंच सखा में से एक संत अच्युतानंद महाराज की गादी के पास आग लगने की घटना भी घटी। मंदिर के उत्तर द्वार पर बड़ी संख्या में अचानक से पक्षियों का झुंड देखा गया जो कि असामान्य घटना थी। इसी के साथ स्नान पूर्णिमा के दिन मंदिर के वरिष्ठ सेवक (रसोइया) जगन्नाथ दीक्षित की हत्या का दुखद मामला सामने आया। इसके बाद ही पहलगाम आतंकी हमला, फिर ऑपरेशन सिंदूर और अहमदाबाद प्लैन हादसा हुआ।
6. पहलगाम आतंकवादी हमला: 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने धर्म पूछकर उन्हें गोलियों मार दी। आतंकवादियों ने मुख्य रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया, हालांकि इंदौर का एक ईसाई पर्यटक भी इसमें शामिल था और एक स्थानीय मुस्लिम लोगों की जान बचाने के चक्कर में मारा गया। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया।
7. ओडिशा की जगन्नाथ रथ यात्रा: ओडिशा में स्थित पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में हर साल भव्य रथ यात्रा का आयोजन होता है। साल 2025 में यह यात्रा 27 जून से 5 जुलाई तक चली। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजते हैं और भक्त मिलकर रथ को खींचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रथ यात्रा में शामिल होने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार की यात्रा में लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे इसका भव्य स्वरूप और भक्ति का उत्साह दोनों ही देखने लायक थे।
8. वैष्णो देवी मंदिर यात्रा: 25 अगस्त 2025 को भूस्खलन की घटना के कारण तीर्थ यात्रा की सुरक्षा को लेकर खूब चर्चा हुई। भूस्खलन में पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें नीचे गिरने लगे। इससे बेखबर लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई। इस घटना में करीब 34 लोगों की मौत हो गई।
9. महाकाल मंदिर की घटना: उज्जैन के महाकाल मंदिर में एक ऐसी घटना घटी, जिसे कुछ लोग अशुभ मानकर इसे भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इसे एक सामान्य घटना के रूप में देख रहे हैं। 18 अगस्त को सोमवार को रात 8 बजे महाकाल मंदिर के पुजारी ज्योतिर्लिंग पर भांग से श्रृंगार कर रहे थे, तभी अचानक मुखौटा टूटकर गिर गया। हालांकि पुजारियों ने तुरंत ही दोबारा श्रृंगार कर दिया और आरती संपन्न की। यह पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है। घटना की खबर लगते ही लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे हैं। कुछ ज्योतिषाचार्य तो इसे किसी बड़ी घटना का इशारा बता रहे हैं। क्या सच में होने वाला है ऐसा कुछ। अभी लगातार महाकाल मंदिर से जुड़ी ऐसी घटना सामने आ रही हैं, जिससे देश-दुनिया में तरह-तरह की बातें हो रही हैं।
10: काशी विश्वनाथ मंदिर का शुभ उल्लू: 17 अगस्त (शाम), 18 अगस्त (श्रृंगार आरती) और 19 अगस्त (सप्त ऋषि आरती) 2025 के दिन यह घटना घटी। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की शिखर पर तीन दिन तक सफेद उल्लू बैठा रहा। हिन्दू मान्यताओं में उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। इस घटना को लोग बेहद शुभ संकेत मानते हैं। मंदिर प्रशासन ने इसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष आशीर्वाद के रूप में प्रचारित किया। स्थानीय लोग और भक्त इसे नई ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक मान रहे हैं।
11. सिख धर्म: पंजाब सरकार ने सिखों के नौवें गुरु, श्री तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित करने का महत्वपूर्ण कदम उठाया। 24 नवंबर 2025 को गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया गया। इन पवित्र शहरों के कॉरिडोर/गलियारों में मांस, मछली, शराब के ठेके, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। यह फैसला इन स्थलों की धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने और इन्हें विश्वस्तरीय धर्म-पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
12. राम मंदिर ध्वजारोहण: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर 2025 को आयोजित हुआ 'ध्वजारोहण समारोह' वर्ष की सबसे बड़ी और गौरवपूर्ण, ऐतिहासिक और धार्मिक घटनाओं में से एक रहा। वर्षों की लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद, भगवान राम के जन्मस्थान पर बने भव्य मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर (Spire) पर स्थायी रूप से 'धर्म ध्वजा' फहराई गई। इस भव्य और पुनीत अनुष्ठान में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया और उन्होंने स्वयं मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत सहित देशभर के विभिन्न अखाड़ों और संप्रदायों के प्रमुख साधु-संत, धर्माचार्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इस पल को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के साथ जिया।