Fact Check: इस नवरात्र बेरोजगारों को घर बैठे कमाई करने का मौका दे रही है मोदी सरकार? जानिए सच...
पूरा देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। इस दौरान कई लोगों की नौकरी चली गई और वे अब बेरोजगार हो गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र की मोदी सरकार इस नवरात्र पर देश के बेरोजगारों को घर बैठे रोजगार का मौका दे रही है।
क्या है वायरल पोस्ट में-
पोस्ट में लिखा गया है- ‘बढ़ते बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर सरकार भारत के बेरोजगारों को देगी घर बैठे रोजगार. अगर आपके पास भी स्मार्टफोन है तो आप भी इस योजना में घर बैठे काम करके प्रति दिन 1000 से 2000 तक कमा सकते हैं।’ इसके साथ एक लिंक दी गई है, जिसपर क्लिक कर आवेदन देने के लिए कहा गया है।
क्या है सच-
यह पोस्ट वायरल हुई तो भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने बताया कि यह दावा फर्जी है और केंद्र सरकार द्वारा रोजगार को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
इससे पहले पीआईबी ने वायरल एक और फर्जी दावे का खंडन किया था कि केंद्र सरकार सभी नागरिकों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री जन सम्मान योजना के तहत 90,000 रुपए की राशि जमा कर रही है।
पोस्ट में लिखा गया है- ‘बढ़ते बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर सरकार भारत के बेरोजगारों को देगी घर बैठे रोजगार. अगर आपके पास भी स्मार्टफोन है तो आप भी इस योजना में घर बैठे काम करके प्रति दिन 1000 से 2000 तक कमा सकते हैं।’ इसके साथ एक लिंक दी गई है, जिसपर क्लिक कर आवेदन देने के लिए कहा गया है।
क्या है सच-
यह पोस्ट वायरल हुई तो भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने बताया कि यह दावा फर्जी है और केंद्र सरकार द्वारा रोजगार को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
दावा:- #Whatsapp पर एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस नवरात्र पर केंद्र सरकार बेरोजगारों को देगी घर बैठे रोजगार का मौका। #PIBFactCheck:- यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। pic.twitter.com/GGjbZUtVU4
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 12, 2020
दावा : एक #YouTube वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार सभी के बैंक खातों में 'प्रधानमंत्री जन सम्मान योजना' के तहत ₹90,000 की राशि जमा कर रही है।#PIBFactCheck : यह दावा फ़र्ज़ी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। pic.twitter.com/dAO2M4VOW1
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 11, 2020

