1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. वास्तु-फेंगशुई
  4. Why should Shami plant be planted at home

शमी का पौधा घर में क्यों लगाना चाहिए?

shami ka paudha
Vastu Tips shami ka ped : शमी का पौधा या पेड़ शनि ग्रह का कारक है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस पौधे को घर की उचित दिशा में लगाकर नित्य पूजा करते हैं। शमी के वृक्ष को कुंडली की स्थिति जानकर ही उचित दिशा में लगाना चाहिए। इस पौधे का उपयोग दशहरा के दिन भी होता है। यह बहुत ही शुभ पौधा है परंतु जानिए कि शमी का पौधा घर में क्यों लगाना चाहिए?
 
- जिस व्यक्ति को शनि से संबंधित बाधा दूर करना हो उसे शमी का वृक्ष लगाना चाहिए।
 
- शमी के पौधे की पूजा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है, क्योंकि शमी के पौधे का संबंध शनिवार और शनिदेव से होता है।
 
- अगर शमी के पौधे को तुलसी के साथ लगाया जाए तो इससे दुगुना फायदा मिलने लगता है। 
 
- शनि का पौधा शनिवार के दिन वायव दिशा में लगाना चाहिए। वायव दिशा शनि की होती है।
 
- इस वृक्ष के पूजन से शनि प्रकोप शांत हो जाता है क्योंकि यह वृक्ष शनिदेव का साक्षात्त रूप माना जाता है।
Shami Pujan
- दशहरे पर खास तौर से सोना-चांदी के रूप में बांटी जाने वाली शमी की पत्त‍ियां, जिन्हें सफेद कीकर, खेजडो, समडी, शाई, बाबली, बली, चेत्त आदि भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म की परंपरा में शामिल है।
 
- विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष पूजा करने से घर में तंत्र-मंत्र का असर खत्म हो जाता है।
 
- मान्यता अनुसार बुधवार के दिन गणेश जी को शमी के पत्ते अर्पित करने से तीक्ष्ण बुद्धि होती है। इसके साथ ही कलह का नाश होता है।
 
- आयुर्वेद के अनुसार यह वृक्ष कृषि विपदा में लाभदायक है। इसके कई तरह के प्रयोग होते हैं। 
 
- जहां भी यह वृक्ष लगा होता है और उसकी नित्य पूजन होती रहती है वहां विपदाएं दूर रहती हैं।
 
- प्रदोषकाल में शमी वृक्ष के समीप जाकर पहले उसे प्रणाम करें फिर उसकी जड़ में शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद वृक्ष के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर उसकी विधिवत रूप से पूजा करें। शमी पूजा के कई महत्वपूर्ण मंत्र का प्रयोग भी करें। इससे सभी तरह का संकट मिटकर सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
अगला लेख
घर के आंगन में हरसिंगार है तो क्या होगा?