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कौन है खजांचीनाथ जिसका अखिलेश ने कराया स्कूल में एडमिशन, क्या है उसका नोटबंदी से कनेक्शन

khajanchinath
कानपुर देहात। कानपुर देहात में रहने वाला समाजवादी पार्टी का नन्हा समर्थक व नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में जन्मा खजांचीनाथ 6 साल का हो चुका है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हर साल धूमधाम से खजांचीनाथ का जन्मदिन मनाते हैं। खजांचीनाथ व उसके परिवार से किए गए वादे के तहत अखिलेश यादव ने खजांचीनाथ का कानपुर देहात के एक जाने-माने निजी विद्यालय में दाखिला भी करा दिया है।
 
किया था वादा उसे निभाया - नोटबंदी के दौरान बैंक लाइन में जन्मे खजांची नाथ के परिवार से अखिलेश यादव ने जो वादा किया था उसको निभाते हुए खजांचीनाथ का दाखिला कानपुर देहात के झींझक के रामा इंटरनेशनल स्कूल में प्लेग्रुप में कराया गया।
 
खजांचीनाथ ने स्कूल पहुंचकर बच्चों के साथ पढ़ाई करी और उसके चेहरे पर स्कूल जाने की खुशी साफ तौर पर दिखाई दे रही थी। इस दौरान खजांचीनाथ मां सर्वेशा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की वजह से यह सब हो रहा है,वह उसका बहुत ख्याल रखते हैं। जो भी वादा किया था उन्होंने सारे वादे निभाए हैं।
 
कौन है खजांचीनाथ - काले धन पर रोक लगाने के लिए देश में नोटबंदी की घोषणा की गई थी जिसके बाद बैंकों के बाहर नोट बदलने को लेकर बड़े-बड़े लाइने देखने को मिल रही थी जिसके चलते कानपुर देहात में 2 दिसंबर 2016 को झींझक स्थित पीएनबी की शाखा में रुपए बदलने के लिए सरदारपुरवा जोगीडेरा निवासी गर्भवती सर्वेशा देवी कतार में खड़ी थीं।तेज धूप से बेहाल सर्वेशा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब तक वह अस्पताल पहुंच पाती तब तक उन्होंने बैंक की लगी लाइन में ही एक पुत्र को जन्म दिया।
 
इसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जमकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था और फिर सर्वेशा देवी से मिलकर बैंक लाइन में जन्मे पुत्र के हालचाल लिया था।मां सर्वेशा देवी के अनुरोध पर अखिलेश यादव ने उसका नाम खजांचीनाथ रखा था और इस दौरान उन्होंने खजांची नाथ की पूरी मदद व पढ़ाई का जिम्मा अपने हाथों में लिया था।
 
क्या बोले स्कूल निदेशक - रामा इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक आकाश गुप्ता ने बताया कि शनिवार को खजांचीनाथ का प्लेग्रुप में दाखिले की प्रक्रिया पूरी की गई थी।जिसका बाद वह सोमवार को पहली बार स्कूल आया था।इस दौरान वह सभी बच्चों के साथ बैठकर उसने पढ़ाई भी करी थी। आकाश गुप्ता ने बताया कि खजांचीनाथ का पहला दिन था लेकिन वह सभी बच्चों के साथ बेहद घुल मिल गया है।
Edited by : Nrapendra Gutpa
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अवनीश कुमार
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