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देश की सबसे बड़ी रामलीला में पहली बार 3 वर्ष के बच्चे करेंगे अभिनय

For first time 3 year old children will perform in country's largest Ramlila
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कोरोना काल में शुरू हुई रामलीला, 15 से 25 जनवरी तक अयोध्या में होगा आयोजन
- दिल्ली में 10 से 20 अक्टूबर तक सजेगा राममंच, देश-विदेश के दर्शकों को दिखेगी भव्य प्रस्तुति
- 62 करोड़ दर्शकों का आंकड़ा पार कर चुकी प्रस्तुति, 60 देशों तक पहुंचेगा रामभक्ति का संदेश
- अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला का आठवां संस्करण दिल्ली में
- 2 माह बाद जनवरी में नौवां संस्करण अयोध्या में किया जाएगा आयोजित
Ramlila Ayodhya Uttar Pradesh news : अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला को देश की सबसे बड़ी रामलीला माना जाता है। इस वर्ष पहली बार दिल्ली में अपना आठवां संस्करण प्रस्तुत करेगी। इस भव्य आयोजन में तीन वर्ष के छोटे बच्चों से लेकर सोलह वर्ष तक के बाल कलाकार सुबह के सत्र में अभिनय करेंगे, जबकि शाम को साठ से अधिक फिल्मी सितारे मंच पर नजर आएंगे। नवां संस्करण दो माह बाद जनवरी में अयोध्या में आयोजित होगा। यह रामलीला कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई थी और अब यह विश्व स्तर पर रामभक्ति का संदेश पहुंचा रही है।

दिल्ली में आयोजन 10 से 20 अक्टूबर तक नई दिल्ली स्थित रफी मार्ग पर कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में होगा। यहां सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तीन से सोलह वर्ष के बच्चे अयोध्या की रामलीला में भाग लेंगे। शाम 7 बजे से 10 बजे तक फिल्मी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजन स्थल पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक मेले का भी आयोजन होगा।
हॉल की बैठने की क्षमता करीब 600 लोगों की है। 120 फीट लंबी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि दर्शकों को भव्य दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई दें। माना जा रहा है कि इतनी कम उम्र के बच्चों वाली रामलीला पहली बार हो रही है। इसमें भगवान श्रीराम के बचपन के स्वरूपों को भी विशेष रूप से दिखाया जाएगा। यह आयोजन न केवल कलाकारों के अभिनय से यादगार बनेगा, बल्कि तकनीकी व्यवस्थाओं जैसे विशाल एलईडी स्क्रीन और बहुभाषी प्रसारण से भी नए आयाम स्थापित करेगा।

संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी)और शुभम मलिक की अगुवाई में टीम लगातार तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से शुरू हुई यह रामलीला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। दिल्लीवासियों और देश-विदेश के रामभक्तों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे मावलंकर हॉल में पहुंचकर या टीवी पर बैठकर इस अद्वितीय रामलीला का आनंद लें। अक्टूबर में दिल्ली और जनवरी में अयोध्या दोनों स्थानों पर रामकथा का मंच सजेगा और करोड़ों दिलों में भक्ति का संचार होगा।

राम के अभिनय में पहली बार सामने आयेंगे सांसद रवि किशन

प्रभु श्रीराम की भूमिका में गोरखपुर सांसद और भोजपुरी-बॉलीवुड स्टार रवि किशन नजर आएंगे। 19 अक्टूबर को वे पहली बार राम का किरदार निभाएंगे। इससे पहले वे केवट, भगवान परशुराम और भरत की भूमिकाएं अदा कर चुके हैं। लंकापति रावण की भूमिका में अरुण बख्शी होंगे। बिंदु दारा सिंह भगवान शिव के रूप में, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम के रूप में, रजा मुराद अहिरावण के रूप में और अवतार गिल मेघनाद के रूप में मंच पर आएंगे। कुल मिलाकर साठ से अधिक फिल्मी सितारे इस रामलीला में अभिनय करेंगे। रिहर्सल दिल्ली और मुंबई के कलाकार कर रहे हैं।
 

अयोध्या में 10 दिन चलेगी रामलीला

अयोध्या में नवां संस्करण 15 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक होगा। अब तक अयोध्या में सात संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। कोरोना काल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रामलीला को अनुमति दी थी, जो आज संसार की सबसे बड़ी रामलीला बन चुकी है।
 

80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों व 40 भाषाओं में होगा प्रसारण

सुभाष मलिक बताते हैं कि पिछले वर्ष इस प्रस्तुति को 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने अपने घर बैठे देखा। इस वर्ष भी 80 से अधिक सैटेलाइट चैनलों पर 40 भाषाओं में इसका प्रसारण होगा। साठ से अधिक देशों तक रामभक्ति का संदेश पहुंचेगा। देश-विदेश के दर्शक इस भव्य प्रस्तुति का आनंद ले सकेंगे।

राजधानी के लोगों को अयोध्या की भव्यता का होगा अनुभव

अयोध्या की रामलीला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह बच्चों को रामकथा से जोड़ने का भी माध्यम बन रही है। तीन वर्ष के छोटे बच्चे मंच पर आकर भगवान के बाल स्वरूप को जीवंत करेंगे, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है। दिल्ली में पहली बार होने वाला यह संस्करण राजधानी के लोगों को अयोध्या की भव्यता का अनुभव कराएगा। मेले के साथ जुड़ी गतिविधियों से पूरा माहौल राममय हो जाएगा।
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