अंकिता भंडारी केस की होगी CBI जांच, CM पुष्कर सिंह धामी ने की सिफारिश
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच कराए जाने का फैसला लिया है। धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा। अंकिता भंडारी मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई दुर्भाग्य पूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार, प्रशासन ने बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की।
तत्काल SIT का गठन एक महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में किया गया। सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। ट्रायल के दौरान किसी अभियुक्त को जमानत नहीं मिली। अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है...
राज्य सरकार ने शुरू से लेकर अंत तक न्याय सुनिश्चित किया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई ओडियो के संबंध में अलग-अलग FIR दर्ज की गई है। इसकी जांच जारी है। कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थिति पैदा करने का प्रयास किया है। सरकार का दायित्व है कि जनता को इस स्थिति से निकाला जाए उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए... मैंने उनके माता-पिता से बात की उन्होंने कहा CBI जांच होनी चाहिए। हम इस मामले की जांच CBI से कराने की संस्तुति कर रहे हैं।"
क्या है पूरा मामला?
अंकिता भंडारी ने 28 अगस्त 2022 को एक ऑनलाइन विज्ञापन देखने के बाद वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी शुरू की थी। कुछ ही समय बाद अंकिता रिजॉर्ट में चल रही रहे गैरकानूनी गतिविधियों को समझ गई। इसके बाद उसने दूसरी नौकरी की तलाश शुरू कर दी है। खबरों के मुताबिक इसी बीच रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को 23 सितंबर 2022 को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस मामले में अन्य भी कुछ लोगों के नाम सामने आएं हैं जिन्हें लेकर अभी भी लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। Edited by: Sudhir Sharma