ITR Filing 2026 : इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय न करें ये गलती, गलत Form चुनने पर हो सकता है ‘Defective Return’
आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा 139(9)) करार दे सकता है।व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं।
- ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर
- विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2
- पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF
- कुल आय सीमा 50 रुपए लाख तक 50 रुपए लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)
- मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय
कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG, प्रॉपर्टी, सोना आदि)
विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य
कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर
डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं
आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?
1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:
- आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है।
- आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है।
- आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है।
- आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है।
- आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन या लॉस नहीं है।
2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि
आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है।
आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है।
आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है।
आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं।
आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है।
आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं।
आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है।
बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3 या ITR-4 लागू होता है।

