Aaj ka sher Aziz Ansari | दिल में अपने सुकून पाएगा
दिल में अपने सुकून पाएगा,
अपने एहबाब की जरूरत पर,
कर्ज़ देकर जो भूल जाएगा - अज़ीज़ अंसारी
एहबाब = मित्रगण
अपने एहबाब की जरूरत पर,
कर्ज़ देकर जो भूल जाएगा - अज़ीज़ अंसारी
एहबाब = मित्रगण
