Aziz Ansari sher rose Gulab | जैसे खुशबू मिले गुलाबों में
जैसे खुशबू मिले गुलाबों में,
जब कभी मेरी याद आए तो,
मैं मिलूँगा इन्हीं किताबों में - अज़ीज़ अंसारी
जब कभी मेरी याद आए तो,
मैं मिलूँगा इन्हीं किताबों में - अज़ीज़ अंसारी
