Aaj ka sher moon | चाँद का दम निकल गया होता
तेरा आँचल तो ढल गया होता,
रुख़ हवा का बदल गया होता।
देख लेता जो इक झलक तेरी,
चाँद का दम निकल गया होता।
रुख़ हवा का बदल गया होता।
देख लेता जो इक झलक तेरी,
चाँद का दम निकल गया होता।
