संगम : दकियानूसी परंपराओं के खिलाफ
स्टार प्लस पर हाल ही में ‘संगम’ नामक धारावाहिक आरंभ हुआ है। फॉक्स टेलीविजन स्टूडियो इंडिया का भारतीय दर्शकों के लिए यह दूसरा कार्यक्रम है। ‘संगम’ सरल और मजबूत भावनाओं की एक परिकल्पना है। यह एक छोटे कस्बे की बुद्धिमान और महत्वाकांक्षी लड़की कहानी है। गंगा अपने सपनों को पूरा करने में और अपने परिवार का ख्याल रखने में विश्वास रखती है। अपने कारनामों और दृढ़ निश्चय से वह इस शो का केन्द्र बिन्दु है। वह अपने पिता की आशाओं और सपनों को पूरा करने का भरसक प्रयास करती है। समाज के दकियानूसी परंपराओं के खिलाफ उसके पिता, उसे हमेशा एक लड़के की तरह मानते हैं। वह दूसरों के लिए कुछ कर गुजरने का साहस भी रखती है। अपनी आशाओं को पूरा करने से ज्यादा वह दूसरों को महत्व देती है और अपने हितों का ख्याल बिल्कुल ही नहीं रखती है। फॉक्स टेलीविजन स्टूडियो इंडिया के दीपक सहगल का कहना है इसमें एक ऐसी कहानी को प्रस्तुत किया गया है जिसमें किरदार के बहुत ही प्रेरणात्मक पहलुओं को दर्शाया जाएगा। यह कहानी दकियानूसी मानसिकता की पृष्ठभूमि में उनकी धारणाओं के खिलाफ मुख्य पात्र गंगा की जीत को दर्शाती है। ‘संगम’ वास्तव में स्वप्न और नियति की मिली-जुली प्रस्तुति है जिसमें मुख्य पात्र के दृढ़ निश्चय और उसके कारनामों को दिखाया जाएगा। संगम : पात्र परिचय गंगा (जेनिफर विग्नेट द्वारा अभिनीत) : छोटे से शहर कुंदनपुर में रहने वाली गंगा के सपने बहुत बड़े हैं। जीवन में उसका एकमात्र उद्देश्य अपने पिता के सपनों को पूरा करना है। वह कुशाग्र बुद्धि एवं मेधावी है। वह सच्चाई का साथ देती है और विपरीत समय में भी आदर्शों से अलग नहीं हटती। अभी तक उसे जिंदगी की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा है तथा उसे अपने सपनों के राजकुमार का इंतजार है। सागर (चैतन्य चौधरी द्वारा अभिनीत) : सागर एक सफल निर्माण कंपनी का मलिक है। वह अपने चचेरे भाई शेखर को अपना आदर्श मानता है। सागर सिद्धांत प्रिय व्यक्ति है और अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुसीबत में फँसे व्यक्तियों की मदद करने वाला सागर अपने प्रिय लोगों का बहुत ख्याल रखता है। मास्टर दीनानाथ (शिशिर शर्मा द्वारा अभिनीत) : कुंदनपुर में मास्टरजी के नाम से मशहूर मास्टर दीनानाथ सिद्धांत एवं आदर्श के पुजारी हैं। वे अपनी पत्नी सावित्री और बेटी गंगा के साथ रहते हैं। उन्होंने अपना जीवन कस्बे के विकास के लिए समर्पित कर दिया है। मास्टरजी का सपना कुंदनपुर में देश का सर्वश्रेष्ठ स्कूल प्रारंभ करने का है। अपने सपने को पूरा करने के लिए वे चाहते हैं कि उनकी बेटी मुंबई जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करें।
मदन (शालीन बनौत द्वारा अभिनीत) : मदन स्थानीय गुंडा है जिसने उल्टे-सीधे काम करके अकूत संपत्ति जमा कर ली है। उसके संबंध कुख्यात लोगों से है जिसके बल पर वह कुछ भी हासिल कर लेता है। उसका नाम कुंदनपुर के लोगों के लिए आतंक का पर्याय है। वह किसी भी तरह गंगा को हासिल करना चाहता है।