'राहत' की पूरी हुई चाहत
केबीसी में जीते एक करोड़
केबीसी के सोमवार को प्रसारित एपिसोड में झारखंड के गिरडीह की राहत तस्लीम ने एक करोड़ रुपए जीतकर यह साबित कर दिया कि एक महिला में समझदारी, एकाग्रता और संयम का संगम होता है। राहत के लिए तीन लाख रुपए की राशि भी बहुत बड़ी थी। वह बार-बार कह रही थी इतनी बड़ी राशि मैंने कभी नहीं देखी। लेकिन बावजूद इसके उसने अपना संतुलन नहीं खोया। अंतिम दौर में वह बेहद सहजता से आगे बढ़ी, यह कह कर कि अगर किस्मत में होगा तो यह राशि उससे कोई नहीं छीन सकता। और उसकी हिम्मत ने उसकी किस्मत चमका दी। यह रिस्क लगभग वैसी ही थी जैसी पिछले प्रतियोगी प्रशांत ने ली थी, लेकिन अंतर इतना था कि राहत में लालच और गर्वोक्ति नहीं थी। इस रिस्क ने संदेह भी खड़े किए कि कोई भी प्रतियोगी ऐसा कैसे कर सकता है जबकि 50 लाख से सीधे 3 लाख पर आने की गुंजाइश हो। लेकिन संदेह को परे रखकर नजर डालें तो यह दुआओं का खेल अधिक लगा। राहत ने बताया कि वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती है, संभवत: यह रहमत उस पर इसीलिए खुदा ने बरसाई हो। अंतिम प्रश्न में उसने स्वविवेक से गेम को छोड़ा और सम्मानजनक राशि हासिल की। एक करोड़ रुपए की राशि किसी भी सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार के लिए एक सुनहरा स्वप्न ही होती है। राहत ने अपने जीवन में संघर्ष का दौर देखा। अवसर और भाग्य का साथ मिलते ही अपनी काबिलियत को दुनिया के समक्ष सिद्ध कर दिया। राहत जैसी साधारण महिला आज अपनी असाधारण उपलब्धि से स्वयं चमत्कृत है। एक सीधी-सादी महिला जब अपने नैसर्गिक गुणों के साथ आगे बढ़ती है तो दुनिया को मानना पड़ता है उसकी अप्रतिम प्रतिभा का लोहा। राहत की जीत भारत की हर आम लेकिन वास्तव में सबसे खास महिला की जीत है। वह इस समय दिल से बधाई की हकदार है। क्योंकि उसकी जीत सचमुच असरदार है।