1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. तीज पर्व
  4. Hartalika Teej Vrat ke niyam

Hartalika teej Niyam: हरतालिका तीज व्रत के 10 खास नियम

Rules for the worship of Hartalika Vrat
Hartalika Teej 2024 : भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत बहुत ही कठिन होता है। स दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए और कुंवारी कन्याएं अच्छा वर पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं। इस बार यह व्रत 06 सितंबर 2024 शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। आओ जानते हैं इस व्रत के 10 खास नियम।
 
व्रत के कड़े नियम : (Hartalika Teej Niyam)
1. मान्यता है कि यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना प्रारंभ कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है।
 
2. इस व्रत में किसी भी प्रकार से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है। अगले दिन सुबह पूजा के बाद जल पीकर व्रत खोलने का विधान है। आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं व ककड़ी-हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें।
 
3. ऐसी मान्यता भी है कि जिस भी तरह का भोजन या अन्य कोई पदार्थ ग्रहण कर लिया जाता है तो अन्न की प्रकृति के अनुसार उसका अगला जन्म उस योनि में ही होता है। लेकिन यह मान्यता एक जनश्रुति भर है।
 
4. इस व्रत में महिलाओं को रातभर जागना होता है और जागकर मिट्टी के बनाए शिवलिंग की प्रहर अनुसार पूजा करना होती है।
Hartalika Teej 2024
5. पूजा के अलावा महिलाएं रातभर जागकर भजन-कीर्तन भी करती हैं। 
 
6. इस व्रत के दौरान हरतालिका तीज व्रत कथा को सुनना जरूरी होता है। मान्यता है कि कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है।
 
7. शिवजी, माता पार्वती और गणेशजी प्रतिमा को अगले दिन सुबह विधिवत विसर्जित करने के बाद पारण ही किया जाता है।
 
8. हरतालिका तीज का पूजन प्रदोष काल में करना जरूरी है। सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्त को प्रदोषकाल कहते हैं।
 
9. पूजा के लिए शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा हाथों से बनकार पूजा करते हैं।
 
10. सुहाग की पिटारी में सुहाग की सारी वस्तु रखकर माता पार्वती को अर्पित करते हैं और शिव जी को धोती और अंगोछा चढ़ाया जाता है।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
Bhadrapada amavasya 2024: भाद्रपद अमावस्या पर जरूर करें ये एक काम, पितृदोष हमेशा के लिए हो जाएगा दूर