teacher day: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिक्षक दिवस क्यों मनाया?
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती विशेष
आपको बता दें कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो भारत के दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967) और एक महान दार्शनिक, शिक्षक और विचारक भी थे। जब डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने, तो उनके छात्रों और दोस्तों ने उनका जन्मदिन, 5 सितंबर, एक विशेष दिन के रूप में मनाने का अनुरोध किया।
डॉ. राधाकृष्णन ने इसका उत्तर देते हुए कहा, 'मेरे जन्मदिन को अलग से मनाने के बजाय, अगर इसी दिन को शिक्षक के रूप में मेरे योगदान को याद करते हुए 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाए, तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।'
अर्थात् डॉ. राधाकृष्णन का यह विचार दर्शाता है कि वे शिक्षा और शिक्षकों को कितना महत्व देते थे। वे मानते थे कि एक समाज की नींव उसके शिक्षक होते हैं, और अगर देश को प्रगति करनी है, तो शिक्षकों को सम्मान देना जरूरी है। उनकी इसी भावना के चलते 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा, ताकि समाज में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया जा सके। तब से हर साल यह दिन पूरे भारत में शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है।
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