सम्बंधित जानकारी
- US में ब्याज दरें घटने के मायने, क्या भारत में पड़ेगा कोई असर?
- Share Bazaar में लौटी तेजी, Sensex रिकॉर्ड ऊंचाई पर, Nifty ने भी छुआ नया शिखर
- Share Bazaar : मुनाफावसूली रही हावी, रिकॉर्ड स्तर से फिसले Sensex और Nifty
- Share Bazaar : तेजी पर लगा विराम, Sensex 398 अंक टूटा, Nifty में भी आई गिरावट
- Share Bazaar : 3 दिन बाद लौटी तेजी, Sensex 376 अंक चढ़ा, Nifty भी 24 हजार के पार
US फेड के इस फैसले के बाद बाजार ने रचा इतिहास, Sensex और Nifty नए शिखर पर
Share Market Update : स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को तेजी रही और दोनों मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी नए शिखर पर पहुंच गए। सेंसेक्स 236.57 अंक की बढ़त के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 83,184.80 अंक पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 38.25 अंक के लाभ के साथ 24,415.80 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 4 साल से अधिक समय बाद नीतिगत दर में कटौती के बीच सकारात्मक वैश्विक रुख से घरेलू बाजार को समर्थन मिला।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 236.57 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 83,184.80 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 825.38 अंक यानी 0.99 प्रतिशत उछलकर 83,773.61 अंक के नए शिखर पर पहुंच गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 38.25 अंक यानी 0.15 प्रतिशत के लाभ के साथ 24,415.80 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 234.4 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ अबतक के उच्चतम स्तर 25,611.95 अंक तक चला गया था।
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से एनटीपीसी, नेस्ले, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक के शेयर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अडाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, जेएसडब्ल्यू स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस शामिल हैं।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को नुकसान में रहे थे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत कटौती तथा आगे इसमें और कमी किए जाने के संकेत के बाद घरेलू बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि अंत में यह हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।
नीतिगत दर में बड़ी कटौती से वैश्विक स्तर पर नरमी को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे ऊंचे भाव पर कारोबार कर रहीं मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,153.69 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर खरीदे थे।
वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के संस्थापक विजय बी. ने कहा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती एक साहसिक कदम है। इससे आरबीआई समेत अन्य देशों के केंद्रीय बैंक भी ब्याज दर में कमी का रास्ता अपना सकते हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.21 प्रतिशत उछलकर 74.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 131.43 अंक टूटा था जबकि एनएसई निफ्टी में 41 अंक की गिरावट आई थी। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
