जानिए सम्राट विक्रमादित्य के नवरत्न

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(9) कालिदास
 
महाकवि विक्रमादित्य की सभा के प्रमुख रत्न माने जाते हैं। प्राय: समस्त प्राचीन मनीषियों ने कालिदास की अंत:करण से अर्चना की है। कालिदास का समय अद्यावधि विद्वानों के विवाद का विषय बना है। दीर्घकाल के विमर्श के पश्चात इस संबंध में दो ही मत शेष हैं जिनमें प्रथम मत है प्रथम शताब्दी ईसवी पूर्व का तथा द्वितीय मत है चतुर्थ शताब्दी ईस्वी सन् का। प्रथम शती के पक्ष में विद्वानों का बहुमत है।






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