मेरी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं तेंदुलकर : वार्न

लंदन| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 10 नवंबर 2013 (22:15 IST)
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लंदन। महान ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ने संन्यास ले रहे भारत के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को अपनी पीढ़ी का ‘सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज’ करार देते हुए कहा कि आने वाले वर्ष में उन जैसा कोई अन्य खिलाड़ी नहीं होगा।

वार्न के तेंदुलकर के 200वें और अंतिम टेस्ट के लिए में उपस्थित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, मेरी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज थे और इस हफ्ते उनके अंतिम टेस्ट के पहले दो दिन कमेंटरी करने के लिए मुंबई में होना सम्मान की बात होगी।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरे सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले गेंदबाज वार्न और तेंदुलकर के बीच कई दिलचस्प भिड़ंत रही है और उन्हें लगता है कि यह भारतीय बल्लेबाज सभी तरह के हालात में सभी तरह की गेंदबाजी में सर्वश्रेष्ठ था और उनका मिजाज भी शानदार था।

वार्न ने ‘डेली टेलीग्राफ’ में लिखा, भारतीय जनता से उन पर जो दबाव होता था, वह काफी ज्यादा होता था लेकिन वह इससे मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह इस तरह से निपटता था कि सभी उसका सम्मान करते थे।
वार्न ने लिखा, दूसरा सचिन तेंदुलकर नहीं होगा। मैं हमेशा युवा खिलाड़ियों को सिखाता हूं कि क्रिकेट सिर्फ औसत का खेल नहीं है, जबकि यह आंकड़ों पर आधारित खेल है लेकिन यह सिर्फ इस बारे में है कि आप कब और कैसे रन बनाते और विकेट चटकाते हो। उन्होंने कहा, महान खिलाड़ी तब प्रदर्शन करते हैं जब चीजें टीम के खिलाफ होती हैं और आंकड़ें इस तरह की चीजों के बारे में आपको सच नहीं बताते।
सचिन आंकड़ों से कहीं ज्यादा बढ़कर हैं। वार्न ने 1994 और 2000 के बीच के चरण को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेंदुलकर के सर्वश्रेष्ठ वर्ष बताया। उन्होंने कहा, उसके सर्वश्रेष्ठ वर्ष 1994 और 2000 के बीच थे जब वह अद्‍भुत था। वह अब भी अच्छा खिलाड़ी है लेकिन आज जो सचिन हैं और 15 साल पहले जो सचिन था, उसकी तुलना करना मुश्किल है।

वार्न ने कहा, 1990 के मध्य में वह तेज गेंदबाजों और स्पिन के खिलाफ बेहतरीन था। वह गेंद को इतनी तेजी से आंकता था, जिससे उसे सही शॉट खेलने का काफी समय मिल जाता था या फिर वह इसे जाने देता था। वार्न के अनुसार तेंदुलकर ने अपनी बल्लेबाजी की बेसिक्स को बेहद सरल रखा है। (भाषा)



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