जब हाइट के कारण सचिन को टीम में नहीं मिली जगह

नई दिल्ली | वार्ता|
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नई दिल्ली। के मुंबई की रणजी टीम के साथी खिलाड़ी रहे सुरू नायक ने कहा है कि सचिन 14 वर्ष की उम्र में रात को शॉट्स खेलने का अभ्यास किया करते थे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के क्रिकेट ऑपरेशन्स से जुड़े नायक ने गल्फ न्यूज को दिये साक्षात्कार में सचिन के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि मैं और सचिन बड़ौदा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच मे एक साथ कमरे में रुके थे।

सचिन को उस समय मात्र 14 वर्ष की उम्र में ही रणजी टीम के लिए चुना गया था। उन्होंने कहा कि सचिन की कम उम्र और कम ऊंचाई के कारण उन्हें चयनकर्ताओं ने मोतीबाग की पिच पर नहीं खेलाने का फैसला किया क्योंकि उन्हें लगा कि यहां सचिन खेल पाने में असमर्थ होंगे
नायक ने कहा कि इतनी कम उम्र के बाद भी सचिन अपने खेल को लेकर बहुत गंभीर थे और रात को अपने शॉट्स की प्रैक्टिस किया करते थे। लेकिन उन्हें इस बात का एहसास हो गया था कि उन्हें अंतिम एकादश में नहीं उतारा जाएगा।

सचिन के पूर्व रणजी साथी ने कहा कि मैं जब भी सचिन को देखता था वे हमेशा ही शॉट्स का अभ्यास करते हुए दिखते थे। वे आराम नहीं करते थे बल्कि हर समय केवल अलग-अलग शॉट्स का अभ्यास करने में समय बिताते थे। नायक ने कहा कि सचिन की आखों में मुझे जूनुन दिखता था और वे काफी मेहनती थे। मुझे लगा था कि वे खास हैं, लेकिन मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मुंबई का यह खिलाड़ी एक दिन दुनिया का महान क्रिकेटर बनेगा। (वार्ता)



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