मैं आपका राष्ट्रध्वज बोल रहा हूं...

national flag
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विशेष परिस्थिति
राष्ट्रीय उल्लास के पर्वों पर अर्थात्‌ 15 अगस्त, 26 जनवरी के अवसर पर किसी राष्ट्र विभूति का निधन होता है तथा राष्ट्रीय शोक घोषित होता है, तब मुझे झुका दिया जाना चाहिए। मेरे भारतवासियों इन दिनों सभी जगह कार्यक्रम एवं ध्वजारोहण सामान्य रूप से होगा, लेकिन जहां, जिस भवन में राष्ट्र विभूति का पार्थिव शरीर रखा हो, वहां उस भवन का ध्वज झुका रहेगा तथा जैसे ही पार्थिव शरीर अंत्येष्टि के लिए बाहर निकालते हैं, वैसे ही मुझे पूरी ऊंचाई तक फहरा दिया जाएगा।
> > शवों पर लपेटना
राष्ट्र पर प्राण न्योछावर करने वाले फौजी रणबांकुरों के शवों पर एवं राष्ट्र की महान विभूतियों के शवों पर भी मुझे उनकी शहादत को सम्मान देने के लिए लपेटा जाता है, तब मेरी केसरिया पट्टी सिर की तरफ एवं हरी पट्टी जंघाओं की तरफ होना चाहिए, न कि सिर से लेकर पैर तक सफेद पट्टी चक्र सहित आए और केसरिया और हरी पट्टी दाएं-बाएं हों। याद रहे शहीद या विशिष्ट व्यक्ति के शव के साथ मुझे जलाया या दफनाया नहीं जाए, बल्कि मुखाग्नि क्रिया से पूर्व या कब्र में शरीर रखने से पूर्व मुझे हटा लिया जाए।



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