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Last Modified: लखनऊ , मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 (21:16 IST)

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

Yogi Adityanath
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एनेक्सी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़े कार्यों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों के बजट आवंटन एवं व्यय की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में कार्य सही मार्ग पर हैं तथा इनमें और अधिक प्रगति की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दिशा में कार्यों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाए।
 
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 29.78 लाख करोड़ रुपए है। वर्ष 2024-25 के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत हो गया है, जबकि वर्ष 2022-23 में यह 8.6 प्रतिशत था। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में GSDP लक्ष्य का 93 प्रतिशत पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। अब लगभग 42 लाख करोड़ रुपए के GSDP लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंत्रिगण वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से संबंधित विभागीय कार्यों की मासिक समीक्षा, मुख्य सचिव द्वारा पाक्षिक समीक्षा तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठकों में निर्धारित बिंदुओं की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों। साथ ही, सभी सक्षम अधिकारी फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करें।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के कार्यों का रियल टाइम डेटा समय से अपलोड किया जाए तथा डेटा संकलन की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए। मंत्रिगण एवं विभागीय अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों से सतत संवाद बनाए रखें, ताकि केंद्रांश समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवंटित बजट का समय से व्यय सुनिश्चित किया जाए। नियोजन विभाग को सभी विभागों का डेटा साप्ताहिक रूप से एकत्र करने हेतु एक मजबूत तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन में योगदान देता है। खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि रणनीति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 13 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस क्रम में सीड पार्क के निर्माण तथा यूपी एग्रीज परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
 
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी है। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक तथा खेती के क्षेत्र के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ी है। साथ ही, उच्च उत्पादन और अधिक मूल्य देने वाली फसलों की खेती से किसानों की आय और कुल उत्पादन—दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, फसलों के किस्मवार सटीक मूल्य आकलन से कृषि उत्पादन का अधिक सटीक और बेहतर मूल्यांकन संभव हो सका है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोहरे आदि के दृष्टिगत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग को इस संबंध में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कॉमर्शियल वाहनों की पंजीकरण फीस को व्यावहारिक बनाने तथा आमजन की सुलभ यात्रा के लिए गुणवत्तापूर्ण बस सेवाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विगत वर्षों में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों का आगमन हुआ है। इस वर्ष जून माह तक लगभग 125 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए हैं। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए वहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि के निर्देश दिए। साथ ही, होम-स्टे पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने और होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान विकसित किया जाए।
 
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि का एक हिस्सा खरीदारी के लिए पूर्व में उपलब्ध कराया जाए, जबकि शेष राशि का उपयोग विवाह आयोजन के समय किया जाए। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में तेजी लाने तथा उपलब्ध कराए जाने वाले कंप्यूटर वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप एवं उच्च गुणवत्ता के हों, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है, क्योंकि ये प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, बेसिक शिक्षा के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा निर्मित किए जा रहे विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत संबंधित जनपदों से समन्वय कर कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
 
बैठक में मुख्यमंत्री को ऊर्जा क्षेत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि बिजली चोरी एवं तकनीकी हानियों में कमी से राज्य के विद्युत निगमों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। साथ ही, पीएम कुसुम-सी योजना के अंतर्गत बड़े सोलर प्रोजेक्ट एवं सोलर पार्कों की स्थापना से बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे केंद्र सरकार से मिलने वाले आवंटन में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
 
स्वास्थ्य क्षेत्र में बताया गया कि पीएम जन आरोग्य योजना (PMJAY) के अंतर्गत अस्पतालों को मिलने वाला भुगतान उनकी आय में जुड़ता है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने से निजी क्षेत्र में भी स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार होगा और मूल्य संवर्धन में वृद्धि होगी।
 
उद्योग क्षेत्र में एएसआई फ्रेम में 7,000 नए कारखानों के जुड़ने से निजी एवं अर्ध-निजी कंपनियों की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। साथ ही, एमसीए के अंतर्गत कंपनियों और कारखानों के बढ़ते पंजीकरण से प्रदेश के औद्योगिक विकास को मजबूती मिली है। शिक्षा क्षेत्र में बताया गया कि सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन समायोजन के कारण शिक्षा क्षेत्र के GSVA में लगभग 0.60 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई है।
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