sawan somwar
Wed, 12 Aug 2026

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बजरंगबली को क्यों कहते हैं हनुमान

बजरंगबली
राजा दशरथ ने पुत्र की प्राप्ति हेतु यज्ञ किया था। यज्ञ से अग्निदेव प्रकट हुए तथा प्रसन्न होकर राजा दशरथ की रानियोंको पायस अर्थात खीर का प्रसाद दिया। राजा दशरथ की रानियों समान तप करने वाली अंजनी को अर्थात मारुति की माताजी को भी प्रसाद प्राप्त हुआ। अत: अंजनी को मारुति जैसा पुत्र प्राप्त हुआ।

उस दिन चैत्र पूर्णिमा थी। वह दिन हनुमान जयंती के रूपमें मनाया जाता है। मारुति ने जन्म के समय ही उदीयमान सूरज देखा तथा उसे फल मानकर, उन्होंने सूर्य की दिशा में उड़ान भरी। उस समय सूर्यको निगलने हेतु राहु आया था। इंद्रदेव को लगा मारुति ही राहु है, अत: उन्होंने मारुति की ओर हथियार फेंका। वह मारुति की ठोढी यानी हनु पर लगा तथा उनकी ठोढी कट गई। तब से उन्हें हनुमान नाम प्राप्त हुआ।
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