11 दिसंबर ओशो रजनीश का जन्मदिन, जानिए उनके 10 सुविचार

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ओशो रजनीश (Shree Rajneesh) का जन्म मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के कुचवाड़ा गांव में 11 दिसंबर 1931 को हुआ था। उनका मूल नाम रजनीश था। उनका जन्म के समय का नाम चंद्रमोहन जैन था। उनकी मृत्यु 19 जनवरी, 1990 में हो गई थी। उनमें बचपन से ही दर्शन में रुचि पैदा हो गई थी, अपने जीवनकाल में उन्होंने लोगों में अध्यात्म के प्रति जागरूकता लाने का कार्य किया।
10 Best Quotes of Osho ओशो रजनीश के 10 बेस्ट सुविचार-



1. ओशो कहते हैं मित्रता शुद्धतम प्रेम है। ये प्रेम का सर्वोच्च रूप है, जहां कुछ भी नहीं माँगा जाता, कोई शर्त नहीं होती, जहां बस देने में आनंद आता है।

2. आप जितने लोगों को चाहें उतने लोगों को प्रेम कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक दिन दिवालिया हो जाएंगे और कहेंगे कि, 'अब मेरे पास प्रेम नहीं है'। जहां तक प्रेम का सवाल है आप दिवालिया नहीं हो सकते।

3. कोई चुनाव मत करिए, जीवन को ऐसे अपनाइए जैसे वो अपनी समग्रता में है।

4. किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है, आप स्वयं में जैसे हैं एकदम सही है। खुद को स्वीकारिए।

5. जो कुछ भी महान है, उस पर किसी का अधिकार नहीं हो सकता और यह सबसे मूर्ख बातों में से एक है जो मनुष्य करता है, क्योंकि मनुष्य अधिकार चाहता है।

6. जब मैं कहता हूं कि आप देवी-देवता हैं, तो मेरा मतलब होता है कि आपमें अनंत संभावनाएं होने के साथ-साथ आपकी क्षमताएं अनंत हैं।

7. प्रसन्नता सद्भाव की छाया है, वो सद्भाव का पीछा करती है। प्रसन्न रहने का कोई और तरीका नहीं है।

8. सवाल यह नहीं है कि जीवन में कितना सीखा जा सकता है।…इसके उलट, सवाल यह है कि कितना भुलाया जा सकता है।

9. यहां आपका सपना पूरा करने के लिए कोई भी नहीं है। हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हकीकत बनाने में लगा है।

10. अगर आप सच देखना चाहते हैं तो ना सहमती और ना असहमति में अपनी राय रखिए।




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