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Last Modified: लखनऊ (उप्र) , गुरुवार, 29 जनवरी 2026 (18:48 IST)

बहराइच के आपदा प्रभावित 136 परिवारों का होगा पुनर्वास, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Uttar Pradesh Cabinet Meeting
Uttar Pradesh news : बहराइच जनपद के राजस्व ग्राम भरथापुर के आपदा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई घोषणा के क्रम में गुरुवार को कैबिनेट ने ग्राम को विस्थापित कर 136 परिवारों के पुनर्वास की योजना को मंजूरी दे दी है। पुनर्वास के बाद बसाई जाने वाली नई बस्ती का नामकरण मुख्यमंत्री की अनुमति से किया जाएगा।
 
यह गांव एक ओर गेरुआ नदी और दूसरी ओर कौड़ियाल नदी से घिरा हुआ है, जबकि उत्तर दिशा में वन्य जीव क्षेत्र और नेपाल सीमा है। गांव तक सड़क मार्ग न होने के कारण लोगों को केवल नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जिससे हर समय जान का खतरा बना रहता है।
 

नाव दुर्घटना में गई थी 9 व्यक्तियों की जान

29 अक्टूबर 2025 को कौड़ियाल नदी में नाव पलटने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 नवंबर 2025 को गांव का हवाई सर्वेक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट ने उस घोषणा पर औपचारिक मुहर लगा दी है।
 

सेमरहना गांव में मिलेगा नया ठिकाना

आपदा प्रभावित परिवारों को ग्राम पंचायत सेमरहना, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) में पुनर्वासित किया जाएगा। इसके लिए करीब 1.70 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जिलाधिकारी बहराइच द्वारा पूरी की जाएगी।
 

हर परिवार को आवासीय प्लॉट और पक्का घर

पुनर्वास के तहत विस्थापित 136 परिवारों को अलग-अलग प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना/प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। नई बसाई जा रही बस्ती में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स, ग्रीन बेल्ट, एलईडी स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इन कार्यों को लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और जल जीवन मिशन के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक परिवार को भूमि आवंटन की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा (मोतीपुर) को दी गई है। सभी अवसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित होने के बाद यह बस्ती ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
 

वन विभाग के पैकेज के अतिरिक्त मिलेगा लाभ

जो परिवार पहले से अपने पुराने स्थान को खाली कर वन विभाग या अन्य विभागों को भूमि सौंप चुके हैं, उन्हें वन विभाग से मिलने वाले पैकेज के अतिरिक्त यह पुनर्वास सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
Edited By : Chetan Gour
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